हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम की BJP सरकार ने कैबिनेट में सर्वसम्मति से एक फैसला किया है, जिसके तहत 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का आधार कार्ड नहीं बनाने की घोषणा की गई है। आदेश का सख्ती से पालन करने और कराने के निर्देश हैं।
क्यों नहीं बनाए जाएंगे आधार कार्ड?

2 / 6
असम सरकार ने आधार कार्ड बनाने पर प्रतिबंध लगाया, ताकि अवैध प्रवासियों की प्रदेश में एंट्री पर रोक लग सके। ताकि अवैध प्रवासी आधार कार्ड न बनवा पाएं। क्योंकि जब वे प्रदेश में आकर आधार कार्ड बनवा लेते हैं तो उन्हें अवैध प्रवासी मानना मुश्किल हो जाता है।
इन लोगों को जारी होंगे आधार कार्ड

4 / 6
सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि चाय बागान समुदाय के लोगों, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के लोगों और दिव्यांग लोगों को आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे, क्योंकि इन समुदायों को लोगों को कई तरह के कामों के लिए आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है।
अतिरिक्त आधार कार्ड की जांच करेंगे

6 / 6
सरकारी आदेश में निर्देश दिया गया है कि कुछ जिलों में आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया सैचुरेशन पॉइंट तक पहुंच गई है, यानी 100 प्रतिशत लोगों को आधार कार्ड जारी हो चुके हैं। ऐसे में अब यह जांच करनी होगी कि किस-किस ने अतिरिक्त आधार कार्ड बनवाए।