Haddiyo Mein Chhed Hona: शरीर के साथ-साथ हड्डियों की हेल्थ पर ध्यान देना जरूरी है. अगर ध्यान ना दिया जाए तो परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि हड्डियों का कमजोर होना नॉर्मल बात है लेकिन इनमें छोटे-छोटे छिद्र बनने लगे हैं तो परेशानी हो सकती है. इसको लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर मीनू वालिया (मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट, गायनेकोलॉजी, थोरेसिक एवं जीआई) का कहना है कि इसे मेडिकल भाषा में ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी के नाम से जाना जाता है. इसका इलाज वक्त पर करना जरूरी है, नहीं तो यह परेशानी हो सकती है.
हड्डियां कमजोर होने के संकेत क्या हैं?

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इस दौरान आपकी बार-बार हड्डी टूटना, कमर या पीठ में लगातार दर्द होना, लंबाई का धीरे-धीरे कम होना या झुककर चलने की समस्या हो सकती है. बस आपको इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है.
कैल्शियम और विटामिन D की कमी होना

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कैल्शियम की वजह से भी हड्डियों में दिक्कत आने लगती है, जबकि विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है. इसलिए अपनी डाइट में इन दोनों चीजों को शामिल करना जरूरी है ताकि इस समस्या से बचा जा सके.
हार्मोनल बदलाव होना

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महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है. पुरुषों में भी उम्र के साथ हार्मोनल बदलाव हड्डियों को इफेक्ट कर सकते हैं. इसलिए आप अपनी हेल्थ का काफी ध्यान रखें.
शारीरिक गतिविधि की कमी होना

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लंबे समय तक काम ना करने या नियमित व्यायाम न करने से हड्डियों की मजबूती धीरे-धीरे कम हो सकती है. इसलिए आप रेगुलर एक्सरसाइज करें और अपनी हेल्थ का ध्यान रखें.
कुछ बीमारियां और दवाएं खाना

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थायरॉयड संबंधी समस्याएं, किडनी की कुछ बीमारियां या लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का उपयोग भी हड्डियों को कमजोर कर सकता है. इसलिए बिना किसी कारण के दवा ना खाएं और अपनी हेल्थ का ध्यान रखें.
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