बरसाती बुखार के क्या लक्षण हैं? जानिए वर्षा ऋतु में कैसे रखें अपना ख्याल
Monsoon Fever Symptoms: बरसात में अक्सर लोगों को बुखार हो जाता है, लेकिन ध्यान ना देने पर यह वायरस बन जाता है. इसलिए इसके लक्षणों की वक्त पर पहचान करें और इन बदलाव से बरसाती बुखार के बारे में पता लगाएं.

Rainy Season Diseases: बरसात का मौसम अच्छा तो लगता है, क्योंकि यह गर्मी से राहत भी दिलाने का काम करता है. राहत के साथ यह मौसम कई तरह की बीमारियां भी लाता है. ऐसा नमी बढ़ने, पानी जमा होने और संक्रमण फैलने की वजह से हो सकता है. कई बार इस मौसम में वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं. इन्हीं में से एक है बरसाती बुखार, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है. अगर वक्त रहते ध्यान ना दिया जाए तो परेशानी बढ़ सकती है.
क्या होता है बरसाती बुखार?
2 / 6बरसात के मौसम में होने वाले वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाना और बुखार आना, बरसाती बुखार कहलाता है. यह कमजोर इम्यूनिटी, दूषित पानी, मच्छरों के काटने और बारिश में भीग जाने की वजह से होता है. इसे भी पढ़ें- पुरुषों के पेशाब में खून आने के क्या कारण हैं? जानिए किस बीमारी का हो सकता है संकेत
तेज बुखार होना
3 / 6नॉर्मल बुखार ज्यादा तेज नहीं होता और एक से दो दिन बाद उतर जाता है. शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाना और 100 से 104 डिग्री फारेनहाइट तक बुखार होना इसका अहम लक्षण है
सिरदर्द होना
4 / 6बरसाती बुखार में सिर दर्द होता है और कई बार बर्दाश्त नहीं होता है. कुछ लोगों को आंखों के पास हल्का दर्द महसूस होता है. अगर आपको भी आंखों के पीछे दर्द महसूस हो रहा है तो इसे नजरअंदाज ना करें.
गले में खराश और खांसी होना
5 / 6इस दौरान गला भी खराब हो जाता है और आवाज भी हल्की हो जाती है. कुछ मामलों में गले में दर्द, खराश और हल्की खांसी भी हो सकती है. अगर आपको यह लक्षण नजर आ रहे हैं तो डॉक्टर से बात करें.
इम्यूनिटी मजबूत करें
6 / 6फल, हरी सब्जियां, विटामिन-सी से भरपूर चीजें खाएं और पूरी नींद लें आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में लंबे समय तक न रहें और शरीर सूखा रखें. इसे भी पढ़ें- पुरुषों में भी बढ़ रहा है थायराइड का खतरा, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज