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Which Colour Cough Is Dangrrous: जुकान या खांसी के दौरान कफ या बलगम निकालना बहुत आम बात है, लेकिन बलगम ज्यादा आ रहा है या इसका रंग बदल रहा है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें. ऐसा इसलिए क्योंकि कफ का रंग आपकी सेहत के बारे में कई अहम संकेत देता है. यह सिर्फ एक सामान्य समस्या नहीं, बल्कि शरीर के अंदर चल रही हलचल का आईना भी हो सकता है. अगर आप कफ के रंग को वक्त रहते समझ लें तो कई बीमारियों का अंदाजा समय रहते लगाया जा सकता है.
कफ का सफेद रंग

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इस रंग का मतलब आमतौर पर सर्दी-जुकाम के होने का शुरुआती संकेत है. इस दौरान नाक बंद होना, हल्की सूजन या एलर्जी भी हो सकती है. कफ का सफेद होना शरीर में हो रही पानी की कमी का भी संकेत हो सकता है.
कफ का पीला रंग

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पीला कफ इस बात की ओर इशारा करता है कि आपका शरीर किसी इंफेक्शन से लड़ रहा है. इस दौरान इम्यून सिस्टम एक्टिव हो जाता है और वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन धीरे-धीरे जन्म लेता है.
कफ का हरा रंग

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हरा कफ आमतौर पर गंभीर संक्रमण की ओर इशारा करता है. यह तब आता है जब शरीर के अंदर साइनस इंफेक्शन जन्म ले रहा होता है. फेफड़ों में बैक्टीरियल इंफेक्शन की स्थिति में भी ऐसा होता है.
कफ का लाल रंग

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अगर कफ में खून दिखाई दे तो यह एक गंभीर संकेत हो सकता है. फेफड़ों में चोट या इंफेक्शकफ का लाल रंगन होने की वजह से भी कफ का रंग लाल हो जाता है. वरना यह टीबी जैसी बीमारी का भी गंभीर संकेत है.
कफ का काला रंग

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यह स्थिति खतरे का संकेत हो सकती है, क्योंकि काला कफ आमतौर पर बहुत ज्यादा प्रदूषण या धूम्रपान करने की वजह से होता है. धूल, धुआं या फंगल इंफेक्शन की वजह से कफ का रंग काला हो जाता है.