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आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है. दुनियाभर में करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं और अपनी जीवन को स्वस्थ रखने के लिए तरह-तरह की दवाइयों का सहारा ले रहे हैं. यह बीमारी अक्सर बिना लक्षण के बढ़ती है और दिल, किडनी और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है. इसलिए इसे ठीक रखने के लिए वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा बनाई है, जो इस समस्या को ठीक कर सकती है. आइए जानते हैं उनकी इस खोज के बारे में.
नई दवा ने जगाई मरीजों में उम्मीद

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वैज्ञानिकों ने हाई बीपी को नियंत्रित करने के लिए एक नई दवा विकसित की है, जिसका नाम बैक्सड्रोस्टैट (Baxdrostat) है. यह खासतौर पर उन मरीजों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य दवाओं से भी कंट्रोल नहीं हो पाता है.
कैसे काम करती है यह नई दवा

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यह दवा शरीर में बनने वाले एल्डोस्टेरोन नाम के हार्मोन को कंट्रोल करती है. यह हार्मोन शरीर में नमक और पानी का संतुलन बनाए रखता है, जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो ब्लड प्रेशर भी बढ़ने लगता है, जिसे यह दवा कम करने में मदद करती है.
समस्या की जड़ पर करता है असर

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैक्सड्रोस्टैट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सिर्फ लक्षणों को नहीं बल्कि समस्या के मुख्य कारण पर काम करती है. यह हार्मोन के उत्पादन को कम करके शरीर में अतिरिक्त नमक और पानी जमा होने से रोकती है.
जिन मरीजों पर दूसरी दवाएं नहीं करती असर

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यह दवा खासतौर पर रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है. ऐसे मरीजों का ब्लड प्रेशर कई दवाएं लेने के बावजूद कंट्रोल नहीं होता. ऐसी स्थिति में यह नई दवा एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है.
क्लीनिकल ट्रायल में मिले अच्छे नतीजे

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रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में किए गए एक अंतरराष्ट्रीय फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा की प्रभावशीलता को परखा गया. इस अध्ययन में कई देशों के सैकड़ों मरीज शामिल किए गए और इसके परिणाम काफी अच्छे बताए गए हैं.
ब्लड प्रेशर में दिखी हैरान करने वाली कमी

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रिसर्च के दौरान जिन मरीजों को यह दवा दी गई, उनके सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में औसतन 9 से 10 mmHg तक की कमी देखी गई. यह कमी दिल और स्ट्रोक से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करने में अहम मानी जाती है.
कई मरीजों का ब्लड प्रेशर हुआ सामान्य

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अध्ययन में यह भी सामने आया कि लगभग 40 प्रतिशत मरीजों का ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर तक पहुंच गया. वहीं जिन लोगों को प्लेसीबो दिया गया, उनमें यह सुधार काफी कम देखा गया, जो इस दवा की प्रभावशीलता को दर्शाता है.
बाजार में कब आएगी

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हालांकि यह दवा अभी परीक्षण के चरण में है और बाजार में आने से पहले कई अन्य मंजूरियों की जरूरत होगी. लेकिन अब तक के नतीजे यह संकेत देते हैं कि भविष्य में यह हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में बड़ा बदलाव ला सकती है.
अस्वीकरण

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इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है. (Image: Pexels/AI)