कान का मैल खुद साफ करना पड़ सकता है भारी! जानिए इरिगेशन और सक्शन क्लीनिंग के फायदे
Ear Wax Cleaning Tips: अगर आप कान खुद साफ करते हैं तो थोड़ी सावधानी की जरूरत है, क्योंकि कान शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा है. इसलिए घर पर गलत तरीके से सफाई करने के बजाय सही समय पर प्रोफेशनल मदद लेना चाहिए.

Kaan Ki Safai Kyu Nahi Karni Chahiye: कई लोग कान में जमा मैल यानी ईयर वैक्स को गंदगी समझकर खुद ही साफ करने लगते हैं. इसके लिए लोग कॉटन बड्स, हेयरपिन, माचिस की तीली या दूसरी नुकीली चीजों का इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन ऐसा करना कानों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक कान का मैल पूरी तरह बेकार नहीं होता, बल्कि यह कानों को धूल, बैक्टीरिया और इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है.
क्यों नहीं करनी चाहिए खुद से सफाई?
2 / 7कॉटन बड्स या नुकीली चीजों से कान साफ करने पर मैल बाहर निकलने के बजाय और अंदर जा सकता है. इससे कान में दर्द, इंफेक्शन, सुनने में दिक्कत या सूजन हो सकती है.
क्या है इरिगेशन क्लीनिंग?
3 / 7इरिगेशन एक प्रोफेशनल तकनीक है, जिसमें हल्के गुनगुने पानी या सलाइन वॉटर की मदद से कान के मैल को धीरे-धीरे बाहर निकाला जाता है.
इरिगेशन से मिलने वाले फायदे
4 / 7जब कान में ज्यादा मैल हो जाता है तो निकालने में परेशानी हो जाती है. इसलिए इरिगेशन के जरिए कान की सफाई की जाती है. हालांकि, यह प्रक्रिया सिर्फ एक्सपर्ट की निगरानी में ही करानी चाहिए.
कब होती है सफाई की जरूरत?
5 / 7कान में बहुत मैल होना नॉर्मल है. शरीर के इस अंग का खुद का एक प्राकृतिक तंत्र मौजूद है, जो मैल को अपने आप साफ कर देता है. ज्यादा मैल के आने से सफाई की जरूरत होती है.
क्या होती है सक्शन क्लीनिंग?
6 / 7सक्शन क्लीनिंग में डॉक्टर एक छोटी मेडिकल मशीन की मदद से कान का मैल खींचकर बाहर निकालते हैं. यह तरीका काफी आधुनिक और सुरक्षित माना जाता है.
कान की सफाई में न करें ये गलती
7 / 7घर पर सफाई के दौरान अक्सर लोग ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे ईयर डैमेज हो जाता है. कानों को साफ करने के लिए कॉटन बड्स, हेयरपिन, चाबी या किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करना है.