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Internal bleeding ke lakshan: किसी तरह की दुर्घटना के कारण, चोट लगने से या फिर मेडिकल कंडीशन के चलते इंटरनल ब्लीडिंग हो सकती है. इंटरनल ब्लीडिंग तब होती है जब शरीर के अंदर की रक्त धमनियां डैमेज हो जाती हैं जिससे अंगों, टिशूज और शरीर की कैविटीज में रक्त का स्त्राव होने लगता है. यह ब्लीडिंग नजर नहीं आती है इसीलिए इसे इंटरनल ब्लीडिंग कहते हैं. इटरनल ब्लीडिंग का तुरंत पता लगाकर इलाज शुरू करना जरूरी होता है नहीं तो इससे शॉक, ऑर्गन फेलियर या जान जाने की नौबत आ सकती है. ऐसे में यहां जानिए इंटरनल ब्लीडिंग होने के क्या लक्षण (Internal Bleeding Symptoms) होते हैं.
चक्कर आना या बेहोशी

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इंटरनल ब्लीडिंग होने पर चक्कर आने लगता है या बेहोशी छाने लगती है. इससे व्यक्ति की आंखों के सामने धुंधलापन छाने लगता है.
अत्यधिक कमजोरी

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ऐसा महसूस होता है कि शरीर में जरूरत से ज्यादा कमजोरी छा गई है. कमजोरी के साथ ही जरूरत से ज्यादा थकान महसूस होने लगती है.
ब्लड प्रेशर कम होना

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इंटरनल ब्लीडिंग होने पर ब्लड प्रेशर अचानक से कम हो सकता है. साथ ही, व्यक्ति की दिल की धड़कनें जरूरत से ज्यादा तेज हो सकती हैं.
खांसते हुए खून निकलना

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खांसते हुए मुंह से खून निकल सकता है या फिर उल्टी होने लगती है और उल्टी में भी खून नजर आता है.
पेशाब और मल में खून दिखना

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इंटरनल ब्लीडिंग होने पर व्यक्ति को पेशाब और मल में खून नजर आ सकता है. इसमें पेशाब का रंग गहरा लाल या गुलाबी दिख सकता है या मल का रंग गहरा काला नजर आ सकता है.
शरीर शॉक में चला जाता है

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अगर इंटरनल ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होने लगे तो शरीर शॉक की स्थिति में चला जाता है. नाड़ी तेज चलने लगती है, त्वचा पीली या ठंडी पड़ने लगती है, हाथ-पैरों में चिपचिपाहट हो जाती है और दिमागी भ्रम या कंफ्यूजन की स्थिति बनने लगती है.