Head & Neck Cancer: सिर और गर्दन का कैंसर बहुत ही आम समस्या है, जिसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसमें से कुछ कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण से जुड़े होते हैं, जबकि बड़ी संख्या में तंबाकू और शराब के सेवन के कारण भी मुंह का कैंसर हो जाता है. हाालंकि, दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन यह एक दूसरे से बिल्कुल अलग है जिसकी पहचान वक्त पर कर लेनी चाहिए. इसको लेकर डॉक्टर मोहसिन शेख (हेड एंड नेक कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कंसल्टेंट, हेड एंड नेक ऑनकोसर्जन) का कहना है कि एचपीवी से होने वाला गले का कैंसर और तंबाकू से होने वाला मुंह का कैंसर एक जैसी बीमारी नहीं हैं. इसलिए इसका इलाज भी अलग-अलग किया जाना चाहिए.
तंबाकू वाला कैंसर कैसे होता है?

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भारत में HPV से संबंधित गले के कैंसर के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है. तंबाकू से होने वाला मुंह के कैंसर आमतौर पर होंठ, जीभ, गालों की अंदरूनी सतह, मसूड़ों और मुंह के निचले हिस्से को प्रभावित करता है.
कैसे करें पहचान?

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इसके खतरनाक संकेतों में मुंह का ऐसा घाव जो लंबे समय तक न भरे, सफेद या लाल चकत्ते, लगातार दर्द, खून बहना या चबाने में परेशानी जैसी चीजें शामिल हैं.
गले का कैंसर का संकेत

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HPV से संबंधित गले का कैंसर ज्यादातर जीभ के पिछले हिस्से में विकसित होता है. इन लक्षणों में लगातार गले में खराश, निगलने में कठिनाई, आवाज बैठना, कान में दर्द या गर्दन में बिना दर्द की गांठ शामिल हो सकती है.
कैसे कर सकते हैं बचाव?

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इन कैंसरों से बचाव के लिए उनके मूल जोखिम कारकों को नियंत्रित करना जरूरी है. इस दौरान तंबाकू से परहेज करना, शराब का सेवन ना करना और मुंह की स्वच्छता बनाए रखना मुंह के कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है.
HPV का टीकाकरण कितना जरूरी

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कैंसर की रोकथाम के लिए HPV टीकाकरण करवाना जरूरी है. कैंसर का कारण चाहे जो भी हो, समय पर पहचान और इसका इलाज करना जरूरी है. अगर मुंह या गले से संबंधित कोई लक्षण दो हफ्ते तक नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से बात करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.