एचपीवी से होने वाले गले के कैंसर और तंबाकू से होने वाले मुंह के कैंसर में क्या है अंतर? ऑन्कोलॉजिस्ट से समझें
HPV Or Tobacco Linked Cancer: आज हम आपको बताएंगे कि गले और मुंह के कैंसर में क्या अलग होता है. कई बार लोग इसे एक जैसा समझ लेते हैं जिसकी वजह से इनका वक्त पर इलाज नहीं हो पाता. इसलिए इन दोनों के बीच में बेसिक अंतर के बारे में आपको पता होना चाहिए.

Head & Neck Cancer: सिर और गर्दन का कैंसर बहुत ही आम समस्या है, जिसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसमें से कुछ कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण से जुड़े होते हैं, जबकि बड़ी संख्या में तंबाकू और शराब के सेवन के कारण भी मुंह का कैंसर हो जाता है. हाालंकि, दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन यह एक दूसरे से बिल्कुल अलग है जिसकी पहचान वक्त पर कर लेनी चाहिए. इसको लेकर डॉक्टर मोहसिन शेख (हेड एंड नेक कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कंसल्टेंट, हेड एंड नेक ऑनकोसर्जन) का कहना है कि एचपीवी से होने वाला गले का कैंसर और तंबाकू से होने वाला मुंह का कैंसर एक जैसी बीमारी नहीं हैं. इसलिए इसका इलाज भी अलग-अलग किया जाना चाहिए.
मुंह और गर्दन के कैंसर में क्या है अंतर?
2 / 7सिर और गर्दन के कैंसर के दो अलग-अलग रूप हैं. ये दोनों तंबाकू और इंफेक्शन से जुड़े होते हैं. अब यह कैंसर उन लोगों में भी देखा जा रहा है, जिन्होंने कभी तंबाकू का सेवन किया ही नहीं है. इसे भी पढ़ें- शरीर में ये 7 बदलाव हो सकते हैं कैंसर का पहला संकेत, ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताए लक्षण
तंबाकू वाला कैंसर कैसे होता है?
3 / 7भारत में HPV से संबंधित गले के कैंसर के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है. तंबाकू से होने वाला मुंह के कैंसर आमतौर पर होंठ, जीभ, गालों की अंदरूनी सतह, मसूड़ों और मुंह के निचले हिस्से को प्रभावित करता है.
कैसे करें पहचान?
4 / 7इसके खतरनाक संकेतों में मुंह का ऐसा घाव जो लंबे समय तक न भरे, सफेद या लाल चकत्ते, लगातार दर्द, खून बहना या चबाने में परेशानी जैसी चीजें शामिल हैं.
गले का कैंसर का संकेत
5 / 7HPV से संबंधित गले का कैंसर ज्यादातर जीभ के पिछले हिस्से में विकसित होता है. इन लक्षणों में लगातार गले में खराश, निगलने में कठिनाई, आवाज बैठना, कान में दर्द या गर्दन में बिना दर्द की गांठ शामिल हो सकती है.
कैसे कर सकते हैं बचाव?
6 / 7इन कैंसरों से बचाव के लिए उनके मूल जोखिम कारकों को नियंत्रित करना जरूरी है. इस दौरान तंबाकू से परहेज करना, शराब का सेवन ना करना और मुंह की स्वच्छता बनाए रखना मुंह के कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है.
HPV का टीकाकरण कितना जरूरी
7 / 7कैंसर की रोकथाम के लिए HPV टीकाकरण करवाना जरूरी है. कैंसर का कारण चाहे जो भी हो, समय पर पहचान और इसका इलाज करना जरूरी है. अगर मुंह या गले से संबंधित कोई लक्षण दो हफ्ते तक नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से बात करें. इसे भी पढ़ें- सर्दी-जुकाम का काढ़ा कैसे बनाया जाता है? यहां जानिए बरसात में कैसे करें Kadha तैयार