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Aadhaar Card Rules: आधार कार्ड में बर्थ डेट और जेंडर अपडेट कराने के नियम सख्त हो गए हैं। UIDAI ने सख्त निर्देश दिए हैं कि इन दोनों जानकारियों को एक ही बार बदला जा सकता है। इसलिए आधार कार्ड बनवाते समय डेट ऑफ बर्थ और जेंडर को लेकर सावधानी बरतें।
आधार कार्ड अनिवार्य पहचान पत्र

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UIDAI ने निर्देश दिया है कि भारत में आधार कार्ड केवल पहचान पत्र नहीं है, बल्कि कई तरह के काम करने और कराने के लिए इस पहचान पत्र का होना अनिवार्य है। स्कूल में एडमिशन और बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं तक का लाभ उठाने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। इसलिए आधार कार्ड बनवाते समय सावधानी बरतते हुए सही जानकारियां दें।
गलती जानकारी महंगी पड़ सकती

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UIDAI के अनुसार, बच्चों का आधार कार्ड बनवाते समय ही मां-बाप जेंडर और बर्थ डेट को ऑप्शन को लेकर सतर्क रहें। क्योंकि गलत जानकारी देने से भविष्य खतरे में पड़ सकता है। गलत डेटा की वजह से जरूरी सेवाओं का फायदा नहीं उठा पाएंगे। बच्चे की एजुकेशन को लेकर दिक्कत हो सकती है। नौकरी के फॉर्म भरते समय परेशानी हो सकती है।
जन्मतिथि संवदेनशील जानकारी

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UIDAI की नियमावली के अनुसार, आधार कार्ड में जन्मतिथि सबसे संवेदनशील जानकारी है। एक बार जो बर्थ डेट लिखवी दी, वही आधार कार्ड में अपडेट होगी। इस जानकारी को बदलने का मौका एक बार मिलता है। अगर बदलवाने की लिमिट भी खत्म हो गई और आप भूल गए तो पछताएंगे। इसलिए फॉर्म भरते समय डेट ऑफ बर्थ का विशेष ध्यान रखें।
जेंडर भी संवदेनशील जानकारी

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UIDAI के अनुसार, बर्थ डेट की तरह जेंडर भी संवेदनशील जानकारी है, जिसके बारे में सतर्क रहना जरूरी है। इस जानकारी के बदलवाने का मौका भी सिर्फ एक बार मिलेगा। अगर आवेदन फॉर्म भरते समय जेंडर बताने में गलती हो गई या ऑपरेटर से गलती हो गई तो खामियाजा आप भुगतेंगे और फिर बदलावने के लिए चक्कर काटने पड़ेंगे।
बदलाव के लिए देनें होंगे ये दस्तावेज

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बता दें कि जन्मतिथि और जेंडर बदलाव के लिए कानूनी प्रमाण पत्र भी देने होंगे। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। पासपोर्ट या गजटेड अधिकारी द्वारा जारी किए गए वैध डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी। अगर वैध दस्तावेज नहीं दिए तो UIDAI दोनों जानकारियों में बदलाव नहीं करेगा। डॉक्यूमेंट्स की गहराई से जांच होगी। इसलिए डेटा पहली बार ही सही देना बेहतर रहेगा।
गलत जानकारी खिलाएगी धक्के

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UIDAI ने स्पष्ट किया है कि अगर डॉक्यूमेंट वैध नहीं मिले और जन्मतिथि या जेंडर अपडेट कराने की लिमिट खत्म हो गई तो फिर समस्या का समाधान करने के लिए क्षेत्रीय आधार कार्ड कार्यालय (Regional Office) के चक्कर काटने पड़ेंगे। समयसीमा खत्म होने के बाद आधार कार्ड को अपडेट कराना मुश्किल, समय लेने वाली और परेशानी करने वाली प्रक्रिया होगी।