Keyboard की शुरुआत QWERTY से ही क्यों होती है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

क्या आपने कभी गौर किया है कि कीबोर्ड की पहले लाइन A, B, C, D से नहीं बल्कि QWERTY से शुरू होती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की 150 साल पुरानी दिलचस्प और काम की वजह.

Keyboard
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कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन इस्तेमा करने वाला लगभग हर व्यक्ति QWERTY कीबोर्ड जानता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कीबोर्ड की पहले लाइन Q, W, E, R, T, Y से ही क्यों शुरू होती है? आखिर अक्षों को A,B,C,D के क्रम में क्यों नहीं रखा गया? इसके पीछे 150 साल पुराना इतिहास और खास कारण छुपा होता है.

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1870 के दशक में हुई थी शुरुआत

1870 के दशक में हुई थी शुरुआत2 / 7

QWERTY कीबोर्ड लेआउट को 1870 के दशक में अमेरिकी आविष्कारक क्रिस्टोफर लैथम शोल्स ने इजात किया था. उन्होंने टाइपराइट के लिए ऐसा लेआउट बनाया, जो उस समय आने वाली बड़ी तकनीकी परेशनी को दूसर कर सके.

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A-B-C-D क्रम क्यों नहीं अपनाया गया?

A-B-C-D क्रम क्यों नहीं अपनाया गया?3 / 7

शुरूआती टाइपराइटर में अगर ज्यादा इस्तेमाल होने वाले अक्षरो ए दूसरे के आसपार होते थे, तो टाइप करते समय मशीन में मेटल वाले टाइबार आपस में टकराकर फंस जाते थे. इससे टाइपिंग रुक जाती थी और फिर मशीन को ठीक करवाना पड़ता था.

ऐसे तैयार हुआ QWERTY लेआउट

ऐसे तैयार हुआ QWERTY लेआउट4 / 7

इस परेशानी को हल करने के लिए ऐसे अक्षरों को, जिनका इस्तेमाल अक्सर एक साथ होता था, अलग-अलग जगह पर रखा गया. इसी बदलाव के बाद Q, W, E, R, T और Y से शुरू होने वाला QWERTY लेआउट तैयार हुआ, जिससे टाइपबार के फंसने की संभावना काफी कम हो गई.

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कैसे बना दुनिया का सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड?

कैसे बना दुनिया का सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड?5 / 7

बाद में अमेरिकी कंपनी Remington ने बड़े पैमाने पर QWERTY लेआउट वाले टाइपराइटर बनाना शुरू किया. फिर धीरे-धीरे लोग इसी ले आउट के आदी हो गए. फिर कंप्यूटर और लैपटॉप के दौर में भी इसी लेआउट को उपनाया गया.

क्या QWERTY सबसे तेज टाइपिंग लेआउट है?

 क्या QWERTY सबसे तेज टाइपिंग लेआउट है?6 / 7

एक्सपर्ट्स का मानना है कि QWERTY जरूरी नहीं कि सबसे तेज टाइपिंग के लिए सबसे बेहतर लेआउट हो. बाद में Dvorak और Colemak जैसे नए कीबोर्ड लेआउट भी बने, जिन्हें ज्यादा आरामदायक और तेज टाइपिंग को ध्या में रखकर डिजाइन किया गया था. हालांकि कोई QWERTY की जगह नहीं ले पाया.

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आज भी QWERTY ही सबसे ज्यादा क्यों इस्तेमाल होता है?

आज भी QWERTY ही सबसे ज्यादा क्यों इस्तेमाल होता है?7 / 7

आज दुनिया में ज्यादातर कंप्यूटर लैपटॉप, स्मार्टफोन और टैबलेट में QWERTY कीबोर्ड ही दिया जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि अरबों लोग इसे लेआउट के साथ टाइपिंग करने के आदी हो चुके हैं. (Images-Magnific)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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