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TRAI के अप्रैल 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 1,16,69,57,820 के पार पहुंच चुकी है. यह दिखाता है कि मोबाइल और इंटरनेट अब लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. ऑनलाइन पेमेंट, सोशल मीडिया और डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल ने मोबाइल यूजर्स की संख्या को तेजी से बढ़ाया है.
मोबाइल यूजर्स में नंबर-1 बना उत्तर प्रदेश

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मोबाइल कनेक्शन के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है. यहां कुल 10 करोड़ 23 लाख 33 हजार 748 मोबाइल उपभोक्ता हैं. बड़ी आबादी और तेजी से फैलते इंटरनेट नेटवर्क को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है. डिजिटल इंडिया अभियान का असर भी यूपी में साफ दिखाई दे रहा है.
बिहार ने महाराष्ट्र को छोड़ा पीछे

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मोबाइल यूजर्स के मामले में बिहार दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. राज्य में कुल 9 करोड़ 59 लाख 47 हजार 474 मोबाइल उपभोक्ता दर्ज किए गए हैं. खास बात यह है कि बिहार ने इस मामले में महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य को भी पीछे छोड़ दिया है. इससे साफ है कि राज्य में मोबाइल इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.
टॉप-10 राज्यों में कौन-कौन शामिल

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मोबाइल उपभोक्ताओं की सूची में महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है, जहां 9.30 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं. इसके बाद आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल का नंबर आता है. इन राज्यों में भी तेजी से डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो रहा है.
किस राज्य में कितने मोबाइल यूजर्स

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TRAI के अनुसार, आंध्र प्रदेश में 8.37 करोड़, मध्य प्रदेश में 7.98 करोड़, तमिलनाडु में 7.84 करोड़, कर्नाटक में 6.72 करोड़, राजस्थान में 6.64 करोड़, गुजरात में 6.55 करोड़ और पश्चिम बंगाल में करीब 5.79 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि देश में मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है.
एक नजर में पूरे आंकड़े

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उत्तर प्रदेश-102333748,
बिहार-95947474,
महाराष्ट्र-93089515,
आंध्र प्रदेश-83756135,
मध्य प्रदेश-79857571,
तमिलनाडु-78430629,
कर्नाटक-67224159,
राजस्थान-66488139, गुजरात-65526439
पश्चिम बंगाल-57995281.
तेजी से बढ़ रहा डिजिटल इंडिया

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देशभर में ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और सस्ते डेटा प्लान्स की वजह से मोबाइल यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है, क्योंकि अब ग्रामीण इलाकों में भी इंटरनेट की पहुंच पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है.