फोन को दिन में कितनी बार चार्ज करना चाहिए? 90% लोग करते हैं ये गलती और खराब हो जाती है बैटरी

क्या आप भी फोन को 100% तक चार्ज करते हैं या रातभर चार्जर से लगाए रखते हैं? अगर हां, तो आपकी यह आदत बैटरी की लाइफ कम कर सकती है. जानिए दिन में कितनी बार फोन चार्ज करना सही है और चार्जिंग से जुड़े 3 बड़े मिथकों की असली सच्चाई.

phone charging
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आज स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन ज्यादातर यूजर्स एक बात को लेकर परेशान रहते हैं कि फोन को कितनी बार चार्ज करना सही है और बैटरी की हेल्थ लंबे समय तक कैसे बनाए रखी जाए. कई बार गलत चार्जिंग आदतें ही बैटरी की उम्र कम कर देती हैं.

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बैटरी हेल्थ के लिए जानिए गोल्डन रूल

बैटरी हेल्थ के लिए जानिए गोल्डन रूल2 / 8

अगर आपके फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है या उसकी हेल्थ कमजोर हो रही है, तो आपको स्मार्टफोन चार्जिंग का सबसे जरूरी नियम जानना चाहिए. सही चार्जिंग पैटर्न अपनाकर बैटरी की लाइफ को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है.

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20% से 80% के बीच रखें बैटरी

20% से 80% के बीच रखें बैटरी3 / 8

 आज के ज्यादातर स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरी दी जाती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक बैटरी को पूरी तरह डिस्चार्ज या हर बार 100% तक चार्ज करना बेहतर नहीं होता. बैटरी का सबसे सुरक्षित स्तर 20% से 80% के बीच माना जाता है. ये भी पढ़ें- दिनभर रील्स देखिए, फिर भी खत्म नहीं डेटा! बस ऑन कर दें फोन में ये फीचर

 

कब लगाएं और कब हटाएं चार्जर?

कब लगाएं और कब हटाएं चार्जर?4 / 8

जब फोन की बैटरी करीब 20% तक पहुंच जाए तो उसे चार्जिंग पर लगा देना चाहिए. वहीं, बैटरी 80% या 85% तक पहुंचने पर चार्जर हटाना बेहतर माना जाता है. बार-बार 100% तक चार्ज करने से बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे उसकी उम्र प्रभावित होती है.

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 दिन में कितनी बार चार्ज करना सही है?

 दिन में कितनी बार चार्ज करना सही है?5 / 8

कई लोगों को लगता है कि फोन को बार-बार चार्ज करना नुकसानदायक है. जबकि जरूरत के अनुसार दिन में 2-3 बार थोड़ा-थोड़ा चार्ज करना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है. 0% से 100% तक एक बार चार्ज करने की तुलना में टॉप-अप चार्जिंग बैटरी के लिए बेहतर हो सकती है. ये भी पढ़ें- ये फीचर बन गए Telegram के ब्लॉक होने की वजह! जानकर WhatsApp यूजर्स भी रह जाएंगे हैरान

चार्जिंग साइकिल क्या होती है?

चार्जिंग साइकिल क्या होती है?6 / 8

स्मार्टफोन की बैटरी की लाइफ चार्जिंग साइकिल पर निर्भर करती है. आमतौर पर एक बैटरी 300 से 500 चार्जिंग साइकिल तक अपनी क्षमता बनाए रखती है. 0% से 100% तक चार्ज होना एक फुल साइकिल कहलाता है. वहीं, अगर आप 40% से 80% तक दो बार चार्ज करते हैं तो यह लगभग आधा साइकिल ही माना जाता है.

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रातभर चार्ज करने से बैटरी खराब हो जाती है?

रातभर चार्ज करने से बैटरी खराब हो जाती है?7 / 8

आधुनिक स्मार्टफोन में ऑटो कट-ऑफ सिस्टम होता है, जो 100% चार्ज होने के बाद बिजली की सप्लाई रोक देता है. इसलिए फोन के फटने जैसी आशंका नहीं होती. हालांकि, लंबे समय तक चार्जर से जुड़े रहने पर बैटरी ट्रिकल चार्जिंग मोड में रह सकती है, जो बैटरी हेल्थ के लिए आदर्श नहीं माना जाता.

 पहली बार 8 घंटे चार्ज करना और कोई भी चार्जर इस्तेमाल करना

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नए फोन को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले 8 घंटे चार्ज करने की जरूरत नहीं होती. यह नियम पुरानी निकल बैटरियों के समय का था. इसके अलावा, फोन को हमेशा ओरिजिनल या किसी भरोसेमंद ब्रांड के सर्टिफाइड चार्जर से ही चार्ज करना चाहिए. सस्ते और लोकल चार्जर सही वोल्टेज नहीं दे पाते, जिससे फोन ओवरहीट होने और नुकसान होने का खतरा बढ़ सकता है. (Images Credit-Unsplash)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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