दिल्ली के मालवीय नगर और बिहार के अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर फायर सेफ्टी को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अक्सर लोग मानते हैं कि आग से बचाव के उपकरण सिर्फ ऑफिस, होटल या फैक्ट्रियों के लिए जरूरी होते हैं, लेकिन बढ़ती गर्मी और शॉर्ट सर्किट के मामलों को देखते हुए अब घरों में भी ऐसे सुरक्षा गैजेट्स रखना बेहद जरूरी हो गया है.
स्मोक डिटेक्टर ( Smoke Detector)

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किसी भी आग लगने की घटना में धुआं सबसे पहले फैलता है. स्मोक डिटेक्टर धुएं की मौजूदगी को पहचानकर तुरंत तेज अलार्म बजाता है. इसकी मदद से घर के लोग समय रहते सतर्क हो जाते हैं और सुरक्षित बाहर निकल सकते हैं. यह छोटा सा उपकरण बड़े हादसे से बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है.
इमरजेंसी फायर एस्केप मास्क (Fire Escape Mask)

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अधिकांश अग्निकांडों में जान का खतरा आग से ज्यादा जहरीले धुएं की वजह से होता है. इमरजेंसी फायर एस्केप मास्क धुएं में मौजूद हानिकारक तत्वों को फिल्टर करने में मदद करता है. इससे सांस लेना आसान हो जाता है और धुएं के बीच बाहर निकलने के लिए बेहतर विजिबिलिटी भी मिलती है. ये भी पढ़ें- फ्रिज चलाने से हर महीने कितने रुपये का आता है बिल? खरीदने से पहले जान लें
फायर ब्लैंकेट (Fire Blanket)

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आग के दौरान सिर्फ लपटें ही नहीं, बल्कि उससे निकलने वाली तेज गर्मी भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. फायर ब्लैंकेट विशेष फायर-रेसिस्टेंट मटेरियल से तैयार किया जाता है और करीब 500 से 700 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सह सकता है. जरूरत पड़ने पर इसे शरीर पर लपेटकर आग और गर्मी से काफी हद तक सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है.
ऑटोमैटिक फायर एक्सटिंग्विशिंग बॉल (Automatic Fire Extinguishing ball)

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यह आधुनिक उपकरण पारंपरिक फायर एक्सटिंग्विशर से अलग तरीके से काम करता है. अगर इसके आसपास आग फैलती है, तो यह अपने आप सक्रिय होकर फट जाती है और आग बुझाने वाले केमिकल या गैस को चारों ओर फैला देती है. इससे शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पाया जा सकता है और बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि फायर सेफ्टी उपकरणों को सिर्फ कमर्शियल बिल्डिंग्स तक सीमित नहीं समझना चाहिए. सही समय पर मौजूद एक छोटा सुरक्षा गैजेट भी बड़े हादसे को टाल सकता है और कई जिंदगियां बचा सकता है. (Images Credit-AI)