आग से बचने के लिए हर घर में होने चाहिए ये 5 गैजेट, जान बचा सकते हैं आपकी जान

दिल्ली अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. क्या आपके घर में ऐसे गैजेट्स हैं जो आग लगने की स्थिति में आपकी और परिवार की जान बचा सकें? जानिए 5 स्मार्ट फायर सेफ्टी डिवाइस, जो किसी बड़े हादसे को टाल सकते हैं.

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दिल्ली के मालवीय नगर और बिहार के अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर फायर सेफ्टी को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अक्सर लोग मानते हैं कि आग से बचाव के उपकरण सिर्फ ऑफिस, होटल या फैक्ट्रियों के लिए जरूरी होते हैं, लेकिन बढ़ती गर्मी और शॉर्ट सर्किट के मामलों को देखते हुए अब घरों में भी ऐसे सुरक्षा गैजेट्स रखना बेहद जरूरी हो गया है.

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 स्मोक डिटेक्टर ( Smoke Detector)

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किसी भी आग लगने की घटना में धुआं सबसे पहले फैलता है. स्मोक डिटेक्टर धुएं की मौजूदगी को पहचानकर तुरंत तेज अलार्म बजाता है. इसकी मदद से घर के लोग समय रहते सतर्क हो जाते हैं और सुरक्षित बाहर निकल सकते हैं. यह छोटा सा उपकरण बड़े हादसे से बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है.

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इमरजेंसी फायर एस्केप मास्क (Fire Escape Mask)

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अधिकांश अग्निकांडों में जान का खतरा आग से ज्यादा जहरीले धुएं की वजह से होता है. इमरजेंसी फायर एस्केप मास्क धुएं में मौजूद हानिकारक तत्वों को फिल्टर करने में मदद करता है. इससे सांस लेना आसान हो जाता है और धुएं के बीच बाहर निकलने के लिए बेहतर विजिबिलिटी भी मिलती है. ये भी पढ़ें- फ्रिज चलाने से हर महीने कितने रुपये का आता है बिल? खरीदने से पहले जान लें

फायर ब्लैंकेट (Fire Blanket)

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आग के दौरान सिर्फ लपटें ही नहीं, बल्कि उससे निकलने वाली तेज गर्मी भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. फायर ब्लैंकेट विशेष फायर-रेसिस्टेंट मटेरियल से तैयार किया जाता है और करीब 500 से 700 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सह सकता है. जरूरत पड़ने पर इसे शरीर पर लपेटकर आग और गर्मी से काफी हद तक सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है.

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इमरजेंसी एस्केप लैडर (Emergency Escape Ladder)

इमरजेंसी एस्केप लैडर (Emergency Escape Ladder)5 / 6

 अगर आग लगने की वजह से सीढ़ियां या मुख्य निकास मार्ग बंद हो जाएं, तो इमरजेंसी एस्केप लैडर बेहद काम आ सकती है. इसे खिड़की या छत से नीचे लटकाकर सुरक्षित तरीके से नीचे उतरा जा सकता है. यह उपकरण ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी माना जाता है. ये भी पढ़ें- WhatsApp पर आते ही पकड़ा जाएगा स्कैम! नया फीचर देगा चेतावनी, फ्रॉड करने वालों की शामत

ऑटोमैटिक फायर एक्सटिंग्विशिंग बॉल (Automatic Fire Extinguishing ball)

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यह आधुनिक उपकरण पारंपरिक फायर एक्सटिंग्विशर से अलग तरीके से काम करता है. अगर इसके आसपास आग फैलती है, तो यह अपने आप सक्रिय होकर फट जाती है और आग बुझाने वाले केमिकल या गैस को चारों ओर फैला देती है. इससे शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पाया जा सकता है और बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि फायर सेफ्टी उपकरणों को सिर्फ कमर्शियल बिल्डिंग्स तक सीमित नहीं समझना चाहिए. सही समय पर मौजूद एक छोटा सुरक्षा गैजेट भी बड़े हादसे को टाल सकता है और कई जिंदगियां बचा सकता है.  (Images Credit-AI)  

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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