Sayaji Shinde Planted 6 Lakh Trees: फिल्म 'शूल' (1999) में खूंखार विलेन 'बच्चू यादव' का किरदार निभाने वाले दिग्गज अभिनेता ने 6.5 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए हैं. इसके पीछे उनकी मां से जुड़ी ये खास वजह है, जो आपको भावुक कर सकती है.
फिल्म शूल का विलेन

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साल 1999 में रिलीज होने वाली फिल्म शूल के विलेन इन दिनों में काफी सुर्खियों में छाए हुए हैं. इसका नाम सयाजी शिंदे हैं, जो अपनी विलेन वाली छवि के लिए जाने जाते हैं.
6.5 लाख पेड़ लगाए

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सयाजी शिंदे ने महाराष्ट्र में कई जगहों पर 6.5 से अधिक पेड़ लगाए हैं. पर्दे पर भले ही सयाजी क्रूर विलेन की तरह नजर आते हों, लेकिन उन्होंने असल जिंदगी में बड़े नेकी का काम किया है.
इतने पेड़ लगाने की वजह

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दरअसल, 2016 में सयाजी शिंदे की मां की उम्र 92 वर्ष हुई, जिसकी वजह से उन्हें हमेशा डर सताता रहता था, कि वे एक दिन अपनी मां को कहीं खो ना दें. इसीलिए उन्होंने पेड़ लगाना शुरु कर दिया.
बीजों से मां को तौला

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सयाजी शिंदे ने भावुक होकर अपनी मां से कहा कि "मैं इतना शक्तिशाली नहीं हूं कि तुम्हें हमेशा जीवित रख सकूं, लेकिन मैं तुम्हें देसी बीजों (Indigenous Seeds) के वजन के बराबर तौलकर उन्हें पूरे महाराष्ट्र में बोऊंगा."
मां का अहसास रहेगा जिंदा

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उनका मानना था कि जब ये बीज पेड़ बनेंगे तो उनमें फूल और फल आएंगे. तो वे उन पेड़ों की ठंडी छांव और फूलों की महक में उन्हें अपनी मां की मौजूदगी महसूस होगी.
मां से किया आखिरी वादा

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उन्होंने अपनी मां से वादा किया था कि वे उनकी याद में 5000 पेड़ लगाने का संकल्प लिया था. उन्होंने अपने गांव में 2000 ज्यादा पेड़ लगाए. यह सफर अब एक आंदोलन शुरू कर दिया.
'सह्याद्री देवराई' बनी संस्था

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उन्होंनें 'सह्याद्री देवराई' नाम की संस्था बनाई, जिसके अंदर अब तक 6.5 लाख से अधिक स्वदेशी पेड़ लगाए जा चुके हैं. और इनकी संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. 'देवराई' महाराष्ट्र की एक पुरानी परंपरा है, जहां जंगलों को पवित्र मानकर उनकी रक्षा की जाती है.