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Who is Yuvraj Samra: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान कनाडा के युवराज सिंह ने एमए चिदंबरम स्टेडियम में तूफान मचा दिया जब उन्होंने 17 फरवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ बुलेट की रफ्तार से सेंचुरी लगा दी. इस यंग सेंसेशन ने महज 65 गेंदों में 11 चौकों और 6 छक्कों की मदद से शानदार 110 रनों की पारी खेली. भले ही कीवी टीम ने ये मुकबला 8 रनों से जीत लिया, युवराज ने क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम ऊंचा कर लिया. आइए जानते हैं इस युवा क्रिकेट के बारे में 5 दिलचस्प बातें.

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19 साल और 141 दिन की उम्र में युवराज सामरा टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए. ये रिकॉर्ड पहले पाकिस्तान के अहमद शहजाद के नाम था जिन्होंने 2014 के एडिशन में 22 साल और 127 दिन की उम्र में शतक लगाया था. युवराज ने लिस्ट में कुछ बड़े नामों को भी पीछे छोड़ दिया, जैसे सुरेश रैना (2010 एडिशन में 23 साल और 156 दिन), एलेक्स हेल्स (2014 एडिशन में 25 साल और 83 दिन), और ग्लेन फिलिप्स (2022 एडिशन में 25 साल और 327 दिन).

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उनका नाम इंडिया के दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह के नाम पर रखा गया है. समरा के पिता युवी पाजी के बहुत बड़े फैन हैं, उनकी बैटिंग स्टाइल और रिकॉर्ड्स से इम्प्रेस होकर उन्होंने अपने बेटे का नाम रखा. दिलचस्प बात ये है कि कनाडा के बैटर युवराज सिंह से भी 2 बार मिल चुके हैं.

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युवराज सामरा का जन्म भले ही कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में हुआ है, लेकिन उनकी जड़ें भारत में हैं. युवराज के पिता का बलजीत सिंह सामरा काफी साल पहले पंजाब से कनाडा चले गए थे, एक क्रिकेट फैन होने के कारण उन्होंने अपने बेटे को कम उम्र में ही बैट दिला दिया था. बाद में इस खिलाड़ी ने टोरंटो डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन और ब्रैम्पटन एंड एटोबिकोक डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट लीग में खेलने के बाद उन्होंने लिस्ट-ए और इंटरनेशनल डेब्यू किया.

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बाएं हाथ के इस खिलाड़ी के नाम टी20 इंटरनेशनल में कनाडा के किसी बैटर की तरफ से सबसे तेज फिफ्टी रन बनाने का रिकॉर्ड है. उन्होंने 2025 में बहामास के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप क्वालिफाइंग मैच में 15 गेंदों में हाफ सेंचुरी लगाई थी.

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युवराज सामरा ने बहुत कम उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था, इसलिए उन्होंने 11वीं और 12वीं क्लास तक घर पर ही पढ़ाई की. जब क्रिकेट साउथ अफ्रीका लेवल-3 के कोच अमरिंदर भिंडर, जो उस वक्त टोरंटो में थे, उन्होंने युवराज को बैटिंग की बेसिक बातें सिखाईं, तब वो 13 साल के थे. इसका फायदा आगे चलकर देखने को मिला.