पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा खतरों के बीच भारत की तेल कंपनियों ने इराक से कच्चे तेल की लोडिंग फिलहाल रोक दी है. क्रूड ऑयल की वैश्विक सप्लाई पर मंडराते संकट के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 मई के बाद से स्थिर बनी हुई हैं. अगर आप भी आज गाड़ी में तेल भरवाने जा रहे हैं, तो आइए देखते हैं दिल्ली, मुंबई समेत प्रमुख शहरों की ताजा रेट लिस्ट.
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में क्या हैं आज के भाव?

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देश के मुख्य महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 100 रुपये के आसपास या उससे ऊपर बनी हुई हैं. आज दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये, कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
बेंगलुरु, पटना, इंदौर और हैदराबाद की रेट लिस्ट

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अन्य प्रमुख राज्यों की राजधानियों और बड़े शहरों में टैक्स के अंतर की वजह से दाम थोड़े अधिक हैं. बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.80 रुपये है. पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये (डीजल 99.36 रुपये), इंदौर में पेट्रोल 114.58 रुपये (डीजल 99.70 रुपये), हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये (डीजल 103.82 रुपये) और कानपुर में पेट्रोल 101.59 रुपये (डीजल 95.06 रुपये) प्रति लीटर बिक रहा है.
क्यों रुकी इराक से कच्चे तेल की लोडिंग?

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होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर बढ़ते हमलों और सुरक्षा खतरों ने तेल संकट बढ़ा दिया है. बसरा टर्मिनल के पास ड्रोन हमले के बाद इंडियन ऑयल (IOCL) ने अपने सुपरटैंकर लीला जामनगर से 20 लाख बैरल इराकी तेल उठाने का प्लान टाल दिया है. मैंगलोर रिफाइनरी (MRPL) ने भी अपने टैंकर देश गौरव की लोडिंग रोक दी है.
25 मई के बाद से नहीं बदले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

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भारत में पिछले दो महीनों से सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया है. मई के आखिर में जब कंपनियों ने रेट्स बढ़ाए थे, तब पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था. तब से लेकर आज 23 जुलाई तक कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.
क्या आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं तेल के दाम?

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होर्मुज के रास्ते में ट्रांसपोर्ट रिस्क और जहाजों के इंश्योरेंस का खर्च काफी बढ़ गया है. इराक और खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल के रास्तों में तनाव रहने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में घरेलू बाजार पर भी असर पड़ सकता है.