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पश्चिमी एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच आम आदमी के लिए राहत की खबर यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कमर्शियल गैस का इस्तेमाल करने वाले होटल और रेस्टोरेंट मालिकों के लिए मुश्किलें कम नहीं हुई हैं, क्योंकि इसकी कीमतें अभी भी ₹3,000 के पार बनी हुई हैं।
आपके शहर में आज के घरेलू और कमर्शियल गैस के दाम (LPG Rates)

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नई दिल्ली ₹913.00 | ₹3,071.50
कोलकाता ₹939.00 | ₹3,202.00
मुंबई ₹912.50 | ₹3,024.00
चेन्नई ₹928.50 | ₹3,237.00
गुड़गांव ₹921.50 | ₹3,088.00
नोएडा ₹910.50 | ₹3,071.50
बैंगलोर ₹915.50 | ₹3,152.00
भुवनेश्वर ₹939.00 | ₹3,238.00
चंडीगढ़ ₹922.50 | ₹3,092.50
हैदराबाद ₹965.00 | ₹3,315.00
जयपुर ₹916.50 | ₹3,099.00
लखनऊ ₹950.50 | ₹3,194.00
पटना ₹1,002.50 | ₹3,346.50
तिरुवनंतपुरम ₹922.00 | ₹3,106.00
बता दें कि घरेलू गैस की कीमतों में आखिरी बार 7 मार्च को ₹60 की बढ़ोतरी हुई थी, तब से रेट स्थिर हैं। वहीं, 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का दाम ₹549 से बढ़कर अब ₹810.50 हो गया है।
सोच-समझकर करें गैस का इस्तेमाल

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तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचत की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि हम पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल संयम से करें। विदेशी मुद्रा बचाने और युद्ध के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए केवल जरूरत पड़ने पर ही पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग करें।
सरकार की नई गाइडलाइन्स: अब सिलेंडर बुकिंग के लिए बढ़ेगा इंतजार

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सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कुछ राशनिंग (Rationalization) नियम लागू किए हैं। अब शहरों में आप 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे (पहले यह 21 दिन था)। ग्रामीण इलाकों में यह अंतराल 45 दिन का होगा। सरकार ने 98% ऑनलाइन बुकिंग और 94% DAC (डिलीवरी कोड) आधारित डिलीवरी सुनिश्चित की है ताकि घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकी जा सके। सरकार ने साफ कहा है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने की कोशिश न करें।
नए गैस के लिए इंतजार बढ़ा

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गैस की कीमतों के बढ़ने की आशंकाओं के बीच लोगों ने गैस सिलेंडर की पैनिक बुकिंग शुरू कर दी है। ऐसे में लोगों को नए गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी 3 से 5 दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
किसे मिलेगी प्राथमिकता?

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गैस सप्लाई में सरकार ने एक प्रायोरिटी लिस्ट तैयार की है। कमर्शियल गैस की सप्लाई में सबसे पहले अस्पताल और स्कूल को प्राथमिकता दी जाएगी। जरूरी उद्योग जैसे कि दवा (Pharma), स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि क्षेत्र को भी प्राथमिकता मिलेगी। 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों का कोटा दोगुना कर दिया गया है ताकि मजदूरों को दिक्कत न हो।
विकल्प अपनाएं, पैसा बचाएं

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सरकार अब उपभोक्ताओं को पारंपरिक गैस के बजाय अन्य विकल्पों की ओर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
इलेक्ट्रिक कुकिंग: इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक चूल्हों का इस्तेमाल करें।
PNG और CNG: पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) का नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है।
वैकल्पिक ईंधन: दबाव कम करने के लिए कोयला और मिट्टी के तेल (Kerosene) की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है।