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आने वाले हफ्तों में गणेश चतुर्थी, नवरात्र, दिवाली और फिर शादियों का सीजन शुरू होने वाला है. ऐसे मौकों पर रसोई घर में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की मांग अचानक कई गुना बढ़ जाती है. लेकिन इस बार एक चिंता यह भी थी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण गैस आयात पर असर पड़ सकता है. आम जनता को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए मोदी सरकार ने पहले ही बड़ा और कड़ा कदम उठा लिया है.
21 कंपनियों को दिया गया उत्पादन बढ़ाने का सख्त आदेश

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पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश की सरकारी और प्राइवेट, कुल 21 तेल एवं गैस रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे एलपीजी का उत्पादन जितना संभव हो सके, उतना बढ़ाएं.
उत्पादन का नया लक्ष्य

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पहले देश की रिफाइनरियों में रोजाना करीब 36,000 टन एलपीजी बनती थी. त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन किया जा चुका है. सरकार चाहती है कि कंपनियां बहुत जल्द अपना उत्पादन बढ़ाकर 63,810 टन प्रतिदिन तक पहुंचाएं.
रिलायंस को बड़ा लक्ष्य:

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की घरेलू इकाई को सबसे ज्यादा यानी 18,000 टन प्रतिदिन एलपीजी बनाने का लक्ष्य मिला है.वहीं सरकारी तेल विपणन कंपनियों ONGC, ऑयल इंडिया और GAIL जैसी सरकारी कंपनियों को भी कुल राष्ट्रीय लक्ष्य का 10वां हिस्सा पूरा करने को कहा गया है.
आखिर सरकार को क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

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इसके पीछे मुख्य वजह विदेशों से आने वाली गैस (Import) पर निर्भरता है. भारत अपनी जरूरत की कुल एलपीजी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बाहर से खरीदता है. इस आयातित गैस का करीब 90% हिस्सा फारस की खाड़ी के रास्ते से भारत आता है. खाड़ी देशों और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास चल रही अनिश्चितता के कारण समुद्री रास्तों से आने वाली सप्लाई बाधित होने का खतरा बना रहता है. रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से एलपीजी लाने में महीनों का वक्त लगता है और भाड़ा/लागत भी काफी बढ़ जाती है.
नेफ्था से भी बनाई जाएगी एलपीजी

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कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी तकनीकी और आर्थिक रूप से संभव रास्ते अपनाएं. सरकार ने यह भी कहा है कि यदि जरूरत पड़े तो नेफ्था (Naphtha) को भी एलपीजी में कन्वर्ट करने जैसे वैज्ञानिक विकल्प अपनाए जाएं, ताकि किसी भी हालत में रसोई गैस की कमी न हो. पिछली बार जब सप्लाई बाधित हुई थी, तो लोगों को सिलेंडर के लिए काफी परेशान होना पड़ा था. लेकिन इस बार त्योहारों और शादियों के सीजन से ठीक पहले सरकार के इस पूर्व-प्रबंधन (Pre-planning) से यह साफ है कि आने वाले दिनों में देश में रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह सुचारू रहेगी और आपके घर में सिलेंडर समय पर पहुंचता रहेगा.