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LPG Crisis: शादियों के इस सीजन में जब आप मेनू और पकवानों की लिस्ट फाइनल करने बैठेंगे, तो शायद आपको सबसे ज्यादा झटका गैस के बढ़ते दामों और उसकी किल्लत से लगने वाला है. जी हां, ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग की तपिश अब दिल्ली-NCR के शादी वाले घरों के किचन तक पहुंच गई है. अगर आप भी आने वाले दिनों में किसी बड़े समारोह या शादी की प्लानिंग कर रहे हैं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि आपकी पसंदीदा पनीर टिक्का वाली प्लेट और लाइव पास्ता काउंटर अब पहले से 20% तक महंगे होने वाले हैं. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत और उनके आसमान छूते दामों ने कैटरर्स और वेडिंग प्लानर्स के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. आखिर गैस संकट आपकी शादी के बजट को कैसे बिगाड़ रहा है? और क्या अब शादियों में लाइव काउंटर्स गायब हो जाएंगे? आइए, इस रिपोर्ट में समझते हैं दिल्ली-NCR की शादियों पर मंडराते इस नए आर्थिक संकट का पूरा सच.
क्यों महंगी होगी आपकी वेडिंग प्लेट?

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वेडिंग प्लानर्स के अनुसार, शादी के खाने का एक बड़ा हिस्सा कमर्शियल LPG सिलेंडरों पर निर्भर करता है. बड़ी शादियों में सैकड़ों लोगों का खाना बनाने के लिए भारी मात्रा में गैस की जरूरत होती है. आजकल शादियों में लाइव पास्ता, डोसा या चाट काउंटर्स का चलन है. इन काउंटर्स पर लगातार गैस जलती रहती है, जिससे खपत बहुत ज्यादा होती है. कैटरर्स का कहना है कि जो सिलेंडर पहले 1700 से 1800 रुपये में मिलता था, उसकी कीमतें अब कई जगह 3000 रुपये तक पहुंच रही हैं.
प्लेट के रेट का नया गणित

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कैटरिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईंधन के बढ़ते दामों का सीधा असर प्रति प्लेट (Per Plate) रेट पर पड़ेगा. अगर अभी एक प्लेट की कीमत 2000 रुपये है, तो यह बढ़कर 2500 रुपये तक जा सकती है. मान लीजिए आप 100 मेहमानों का फंक्शन कर रहे हैं और बजट 1.5 लाख रुपये है, तो यह बढ़कर 2.5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.
आउटडोर वेडिंग पर सबसे ज्यादा मार

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अगर आपकी शादी किसी खुले लॉन या फार्महाउस में है, तो जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है. होटलों और रिसॉर्ट्स में अक्सर पाइप्ड गैस (PNG) की सुविधा होती है, इसलिए वहां असर कम होगा. लेकिन खुले मैदानों में कैटरर्स पूरी तरह LPG सिलेंडर पर निर्भर होते हैं. खाने को 2-3 घंटे तक गर्म रखने के लिए भी लगातार गैस जलानी पड़ती है, जो अब काफी महंगी पड़ रही है.
कैटरर्स कैसे निकाल रहे हैं बीच का रास्ता?

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किल्लत को देखते हुए कैटरर्स और वेडिंग प्लानर्स कुछ बदलावों पर विचार कर रहे हैं. बहुत ज्यादा तड़क-भड़क वाले मेन्यू की जगह सादे और कम गैस खपत वाले पकवान को प्राथमिकता दे रहे हैं. गैस बचाने के लिए लाइव कुकिंग काउंटर्स की संख्या कम की जा सकती है. गैस की बचत के लिए बेस किचन में एक साथ खाना बनाकर वेन्यू पर लाना भी कैटरर्स की प्लानिंग का हिस्सा है.
शादी वालों के लिए टिप

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अगर आपकी शादी जल्द होने वाली है, तो आपके लिए विशेषज्ञों की ये सलाह है कि रेट्स और बढ़ने से पहले ही अपने कैटरर के साथ कॉन्ट्रैक्ट लॉक कर लें. कम मेहमान मतलब कम खाना और कम गैस की खपत. इसलिए कम मेहमानों को बुलाएं. अपने वेडिंग प्लानर से पूछें कि क्या उनके पास गैस सप्लाई का कोई वैकल्पिक इंतजाम है.
कमर्शियल सेक्टर के लिए चुनौतियां

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ईरान संकट ने न सिर्फ शेयर बाजार और पेट्रोल को प्रभावित किया है, बल्कि अब यह हमारी खुशियों और रस्मों को भी महंगा बना रहा है. सरकार हालांकि कोशिश कर रही है कि डोमेस्टिक गैस की सप्लाई बनी रहे, लेकिन कमर्शियल सेक्टर के लिए आने वाले कुछ हफ्ते चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.