
1 / 5
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच 15 दिनों के अस्थायी युद्ध विराम पर सहमति बनने की खबर ने सराफा बाजार में भी खलबली मचा दी है, आमतौर पर जब भी दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भागते हैं, जिससे दाम बढ़ जाते हैं. लेकिन जैसे ही शांति की खबरें आती हैं, सोने-चांदी की चमक थोड़ी फीकी पड़ने लगती है.
सोने-चांदी की ताजा कीमतें क्या?

2 / 5
8 अप्रैल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें जो हाल ही में 4,733 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थीं, उनमें अब नरमी देखी जा रही है. भारतीय बाजार (MCX) में भी इसका असर दिखा है. 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है, जिसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई है. चांदी भी 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर स्थिर है, जो जंग की आशंका के समय काफी ऊपर चली गई थी.
क्यों बदल रहे हैं दाम?

3 / 5
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सीजफायर स्थायी हुआ और होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार के लिए पूरी तरह खुल जाता है तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आएगी. तेल सस्ता होने से महंगाई कम होगी और लोग सोने से पैसा निकालकर शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों में लगाएंगे. इससे सोने-चांदी के दाम और गिर सकते हैं.
आम जनता के लिए क्या है सलाह?

4 / 5
अगर आप शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने की सोच रहे हैं तो बाजार की इस हलचल पर नजर रखें. जानकारों का कहना है कि सीजफायर के बाद बाजार में थोड़ी और गिरावट आ सकती है, जो खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है. हालांकि, अमेरिकी डॉलर की मजबूती कीमतों को बहुत ज्यादा नीचे आने से रोक रही है.
सीजफायर पर गिरते हैं सोने के दाम

5 / 5
पिछले दिनों जब सीजफायर की उम्मीद बनी, सोना 1.51 लाख रुपए के आसपास पहुंचा था, लेकिन तनाव बढ़ने पर गिरा. अब सीजफायर की पुष्टि के साथ 1,000-3,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट आ सकती है. चांदी में और तेज गिरावट संभव है क्योंकि यह सोने से ज्यादा इंडस्ट्रियल मेटल भी है.