Income Tax New Rule on Pension: क्या रिटायर कर्मचारियों को भी देना होगा टैक्स? जानें नए नियम
सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन बुजुर्गों के लिए बुढ़ापे का सहारा होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयकर विभाग आपकी इस कमाई पर भी नजर रखता है? पेंशन पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको मिलने वाली राशि किस श्रेणी में आती है।

अनकम्यूटेड पेंशन: हर महीने एक निश्चित तारीख को मिलने वाली पेंशन को अनकम्यूटेड पेंशन कहा जाता है। आयकर नियमों के अनुसार, इस मासिक पेंशन को आपकी सैलरी माना जाता है और इसे ITR में Income from Salary हेड के तहत दिखाया जाता है। हालांकि शारीरिक विकलांगता के कारण सेवानिवृत्त हुए सशस्त्र बलों के जवानों की पूरी विकलांगता पेंशन टैक्स-फ्री होती है।
कम्यूटेड पेंशन: एकमुश्त राशि पर क्या हैं नियम?
2 / 5जब कर्मचारी भविष्य में एकमुश्त बड़ी राशि पाने के लिए अपनी मासिक पेंशन का एक हिस्सा सरेंडर कर देता है, तो इसे कम्यूटेड पेंशन कहते हैं। केंद्र या राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण या रक्षा सेवाओं से रिटायर होने वालों के लिए यह एकमुश्त राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री है।
गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी का गणित
3 / 5अगर आपको रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी मिली है, तो आपकी कम्यूटेड पेंशन का केवल एक-तिहाई (1/3) हिस्सा ही टैक्स-फ्री होगा। अगर आपको ग्रेच्युटी नहीं मिली है, तो आप कुल पेंशन के 50% हिस्से पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। इससे ऊपर की राशि पर टैक्स देना होगा।
फैमिली पेंशन: परिवार को मिलने वाली राशि पर टैक्स
4 / 5कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को मिलने वाली राशि फैमिली पेंशन कहलाती है। इसे सैलरी नहीं, बल्कि Income from Other Sources की श्रेणी में रखा जाता है। अगर कोई सैनिक देश की सेवा करते हुए शहीद होता है, तो उनके परिवार को मिलने वाली पूरी पेंशन टैक्स से मुक्त होती है।
फैमिली पेंशन पर स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ
5 / 5पुरानी व्यवस्था में कुल पेंशन का एक-तिहाई (1/3) या ₹15,000 (जो भी कम हो) टैक्स-फ्री है। वहीं नई टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए छूट की यह सीमा ₹25,000 तक बढ़ाई जा सकती है।