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क्या सोना चांदी के दाम गिरेंगे?
सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों उतार-चढ़ाव जारी है. बाजार के जानकारों की मानें तो शॉर्ट-टर्म में थोड़ी गिरावट जरूर दिख रही है, लेकिन लंबी अवधि के लिए बढ़त का रुझान कायम है.
क्या सोना 1.40 लाख रुपये के स्तर तक गिर सकता है?

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कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, MCX गोल्ड में हालिया रिकॉर्ड स्तरों के बाद थोड़ा करेक्शन (गिरावट) देखा जा रहा है. सोने के लिए 148,000 रुपये का स्तर एक मजबूत टेक्निकल सपोर्ट बना हुआ है. अगर कीमतें इसके नीचे बंद होती हैं, तभी 144,000 और 1.40 लाख रुपये के आसपास का रास्ता खुलेगा. शेयर बाजार और कमोडिटी विशेषज्ञ एके निगम Buy on Dips यानी हर बड़ी गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह दे रहे हैं. ऊपरी स्तर पर 155,000 पर कड़ा प्रतिरोध है. इसके ऊपर डेली क्लोजिंग मिलने पर तेजी का दौर दोबारा शुरू हो जाएगा.
आज का ताजा सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)

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दुकानों और सर्राफा बाजार में आज का अनुमानित खुदरा भाव (GST व मेकिंग चार्ज के बिना): 24 कैरट (99.9% शुद्ध सोना) 1,52,815 रुपये से 156,900 रुपये के बीच ट्रेंड कर रहा है. वहीं 22 कैरट (गहनों के लिए) सोने का भाव 143,100 से 1,43,850 के बीच है. जबकि 18 कैरट सोने का दाम 112,700 से 117,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है.
चांदी की कीमत और ट्रेंड

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चांदी की कीमतों में भी सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है. भारत में 1 किलो चांदी की कीमत लगभग 2,32,700 से 239,800 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास चल रही है. MCX पर 235,000 के स्तर पर चांदी को मजबूत सपोर्ट हासिल है. जब तक कीमतें इसके ऊपर बनी हुई हैं, तब तक इसे केवल एक करेक्शन माना जाएगा और निचले स्तरों से खरीदारी लौटने की उम्मीद है.
साल के आखिर तक सोने का भाव कहां तक जा सकता है

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साल के अंत तक भारतीय बाजार में सोने की कीमतें मुख्य रूप से 158,000 से 170,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहने का अनुमान है. अगर वैश्विक बाजार और घरेलू कारकों में बड़ा उछाल आता है, तो बुल केस (Bull Case) के तहत यह 180,000 से 184,000 का स्तर भी छू सकता है.
सोने की चाल तय करेंगे ये फैक्टर्स

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अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाता है, तो गैर-ब्याज देने वाले एसेट जैसे सोने की मांग और कीमतें तेजी से बढ़ती हैं. दूसरी ओर भारत सोने का बड़ा आयात करता है. अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत स्थिर रहने पर भी भारत में सोना महंगा हो जाता है. इसके अलावा भारत में साल के अंत धनतेरस, दिवाली और शादियों के सीजन में सोने की भौतिक मांग में बड़ी बढ़ोतरी होती है, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है.