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आज 2 अप्रैल 2026 को सर्राफा बाजार में ब्लैक थर्सडे जैसा मंजर देखने को मिल रहा है। कल की रिकॉर्ड तेजी के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में महा-गिरावट दर्ज की गई है। चांदी में 11000 से ज्यादा की ऐतिहासिक गिरावट ने निवेशकों के होश उड़ा दिए हैं, वहीं सोना भी 1.51 लाख रुपये के स्तर से नीचे फिसल गया है।
MCX पर आज सोने की कीमतें

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2 अप्रैल 2026 को सुबह के सत्र में बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया, जिससे कीमतें इस प्रकार रहीं:
सोना (Gold - 05 जून 2026 कॉन्ट्रैक्ट):
ताजा भाव: ₹1,50,820.00 (प्रति 10 ग्राम)
बदलाव: - ₹2,888.00 (1.88% की गिरावट)
सोना 1.53 लाख रुपये के कल के स्तर से तेजी से गिरकर अब 1,50,820 रुपये पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती ने सोने की सुरक्षित मांग (Safe Haven Demand) पर ब्रेक लगा दिया है।
चांदी की कीमत

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05 मई 2026 कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी का ताजा भाव 2,32,440 रुपये प्रति किलो है। कल के मुकाबले कीमत में ₹11,061.00 यानी 4.54% की भारी गिरावट आई है। चांदी में आज 'सुनामी' जैसा असर दिखा है। एक ही दिन में ₹11,000 से ज्यादा की गिरावट हाल के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। ₹2.43 लाख के स्तर से गिरकर चांदी अब ₹2.32 लाख पर आ गई है।
इस महा-गिरावट के 3 बड़े कारण

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1. भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले कई दिनों से कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं। निवेशकों ने ऊंचे भाव पर बड़े पैमाने पर बिकवाली कर अपना मुनाफा वसूला है।
2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत: अमेरिका से आए कुछ आर्थिक आंकड़ों के बाद डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है, जिससे सोने-चांदी पर दबाव बढ़ गया है।
3. मार्जिन कॉल: कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के कारण कई ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन काटनी पड़ी है, जिससे गिरावट और गहरी हो गई है।
क्या और गिर सकता है भाव?

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बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने और चांदी में अभी शॉर्ट-टर्म (अल्पकालिक) गिरावट और देखने को मिल सकती है। इसके पीछे कुछ ठोस तकनीकी कारण हैं।
अहम सपोर्ट लेवल (Support Levels): जानकारों के अनुसार, अगर सोना ₹1,50,000 के स्तर के नीचे टिकता है, तो यह और गिरकर ₹1,48,000 से ₹1,46,000 तक जा सकता है। फिलहाल ₹1,50,820 पर यह अपने एक बहुत ही महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर (Psychological Level) के करीब है।
चांदी: चांदी में गिरावट ज्यादा गहरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह ₹2,32,000 का सपोर्ट तोड़ती है, तो यह ₹2,30,000 या उससे भी नीचे जा सकती है।
कब आएगी वापसी ?

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गिरावट के बावजूद, लंबी अवधि (Long Term) का नजरिया अब भी तेज (Bullish) बना हुआ है। अगर ईरान-इजरायल तनाव और बढ़ता है, तो 'सेफ हेवन' (सुरक्षित निवेश) के रूप में लोग फिर से सोना खरीदेंगे, जिससे कीमतें अचानक बढ़ सकती हैं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अब भी सोना जमा कर रहे हैं, जो गिरावट को एक सीमा से नीचे नहीं जाने देगा। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस साल के अंत तक सोना ₹1.70 लाख से ₹1.90 लाख तक पहुंच सकता है।