चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच दिल्ली-एनसीआर के आम लोगों की जेब पर एक और बड़ी मार पड़ी है। दिल्ली की प्रमुख थोक मंडियों में व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर्स की अचानक शुरू हुई हड़ताल (Strike) के कारण मंडियों में सब्जियों की आवक (सप्लाई) बेहद कम हो गई है। इसका सीधा असर खुदरा बाजार पर देखने को मिल रहा है, जहां हरी सब्जियों से लेकर रोजमर्रा के मसालों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। आज खुदरा बाजार में अदरक ₹130 प्रति किलो और हरा धनिया ₹100 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है। आइए, देखते हैं कि आज आपकी रसोई का बजट कितना बिगड़ गया है।
हड़ताल ने बिगाड़ा खेल, दिल्ली की थोक मंडियों में पसरा सन्नाटा

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दिल्ली की आजादपुर, ओखला और गाजीपुर जैसी बड़ी थोक मंडियों में स्थानीय मुद्दों और ट्रांसपोर्टर्स के विरोध के चलते ट्रकों की एंट्री प्रभावित हुई है। बाहर के राज्यों (जैसे हिमाचल, यूपी और हरियाणा) से आने वाली ताजी सब्जियों की गाड़ियां मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसी शॉर्टेज (किल्लत) का फायदा उठाकर खुदरा दुकानदारों ने दाम दोगुने तक बढ़ा दिए हैं।
अदरक ₹130 और धनिया ₹100 पार, चाय का स्वाद और सब्जी का रंग दोनों उड़ा

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भारतीय रसोई की शान कहे जाने वाले अदरक और धनिए ने आम लोगों को सबसे ज्यादा रुलाया है। खुदरा बाजारों में आज अच्छी क्वालिटी का अदरक ₹130 प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। वहीं, जो धनिया सब्जी के साथ अमूमन मुफ्त या बेहद सस्ता मिलता था, वह आज ₹100 प्रति किलोग्राम के पार चला गया है। नींबू भी ₹150 से ₹180 किलो के बीच बिक रहा है।
हरी सब्जियों में लगी आग, तोरई, भिंडी और लौकी भी हुए बेहद महंगे

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सिर्फ अदरक-धनिया ही नहीं, बल्कि गर्मी के सीजन की आम हरी सब्जियां भी आम आदमी की थाली से दूर होती दिख रही हैं। खुदरा बाजार में तोरई और भिंडी के दाम ₹70 से ₹80 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। जो लौकी कुछ दिन पहले ₹30-40 में मिल रही थी, उसके भाव आज ₹60 प्रति किलो को छू रहे हैं। शिमला मिर्च और बीन्स जैसी सब्जियां ₹90 से ₹110 किलो के बीच मिल रही हैं।
आलू और प्याज के दामों में भी आई तेजी, बेस प्राइस बढ़ा

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जो लोग हरी सब्जियां महंगी होने पर आलू-प्याज का रुख कर रहे थे, उन्हें भी झटका लगा है। मंडियों में हड़ताल और लोकल स्टॉक कम होने से आलू के दाम खुदरा में ₹35 से ₹40 प्रति किलो और अच्छी क्वालिटी के प्याज के दाम ₹45 से ₹55 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। टमाटर भी ₹50 किलो के पार बिक रहा है।
कब मिलेगी इस भारी महंगाई से राहत? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

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मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह महंगाई मौसम से ज्यादा सप्लाई चैन टूटने की वजह से आई है। जैसे ही दिल्ली की मंडियों में व्यापारियों की हड़ताल खत्म होगी और ट्रकों की आवाजाही सामान्य होगी, दाम वापस नीचे आ जाएंगे। माना जा रहा है कि अगले 48 से 72 घंटों में स्थिति सुधर सकती है, लेकिन तब तक दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।