आमतौर पर परिवारों में माता-पिता या घर के बड़े बुजुर्ग अपने बच्चों को खुद ही अपना एटीएम (ATM) कार्ड और पिन नंबर दे देते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर पैसे निकाले जा सकें। जीते-जी तो यह प्रक्रिया बेहद सामान्य लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी परिजन के निधन के बाद उनके एटीएम कार्ड या यूपीआई (UPI) से पैसे निकालना आपको जेल की हवा खिला सकता है? भले ही आप उस खाते के नॉमिनी (Nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी ही क्यों न हों, बिना बैंक को सूचित किए पैसे निकालना कानूनन जुर्म माना जाता है। आइए, जानते हैं कि इस मामले में बैंक और कानून के नियम क्या कहते हैं।
निधन के बाद तुरंत फ्रीज हो जाता है बैंक अकाउंट

2 / 6
नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति के निधन के तुरंत बाद उसका बैंक खाता कानूनी रूप से निष्क्रिय (Inactive) माना जाता है। व्यक्ति की मृत्यु के साथ ही उसके डेबिट कार्ड (Debit Card) या इंटरनेट बैंकिंग के इस्तेमाल का अधिकार भी पूरी तरह खत्म हो जाता है। इसलिए उस खाते से किसी भी तरह का डिजिटल लेन-देन करना पूरी तरह अवैध है। यह भी पढ़ें :
आजादी के समय 25 पैसे था 1 लीटर पेट्रोल, 78 सालों में कब-कब कितनी बढ़ीं कीमतें; देखें
नॉमिनी भी सीधे एटीएम से नहीं निकाल सकता पैसा

3 / 6
ज्यादातर लोगों को लगता है कि अगर खाते में उनका नाम नॉमिनी के तौर पर दर्ज है, तो वे जब चाहें एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। लेकिन यह पूरी तरह गलत है। नॉमिनी होने के बावजूद आपको सबसे पहले बैंक को व्यक्ति के निधन की आधिकारिक सूचना और मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) देना होता है। बिना इस प्रक्रिया के सीधे पैसे निकालना धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। यह भी पढ़ें :
EPFO Withdrawal New Rule: ये 5 काम करने के बाद ही आप UPI से निकाल पाएंगे अपना PF का पैसा
बैंक क्यों लगाता है ऐसी पाबंदी? जानिए असली वजह

4 / 6
बैंक यह कड़ा नियम इसलिए लागू करता है ताकि मृत व्यक्ति के पैसे सुरक्षित रहें। हो सकता है कि मृत व्यक्ति के एक से ज्यादा कानूनी वारिस (Legal Heirs) हों। ऐसी स्थिति में अगर कोई एक व्यक्ति चुपके से सारे पैसे निकाल लेता है, तो बाकी वारिसों के हक का हनन होता है। बैंक सभी उत्तराधिकारियों के दावों की जांच करने के बाद ही पैसा रिलीज करता है।
बिना बताए पैसे निकालने पर क्या हो सकती है जेल?

5 / 6
vxj कोई व्यक्ति बैंक को जानकारी दिए बिना किसी मृत व्यक्ति के खाते से पैसे निकालता है और बाद में परिवार का कोई दूसरा सदस्य या बैंक इस पर आपत्ति जताता है, तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में पैसे निकालने वाले व्यक्ति पर धोखाधड़ी (Cheating), जालसाजी और चोरी के आरोपों में एफआईआर (FIR) दर्ज हो सकती है, जिसके तहत जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
पैसों के लिए क्या है सही और कानूनी तरीका?

6 / 6
अगर आपके किसी परिजन का निधन हो गया है, तो सबसे पहले बैंक शाखा में जाकर इसकी लिखित जानकारी दें। इसके बाद बैंक से 'क्लेम फॉर्म' लें, मृत व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट, अपना आईडी प्रूफ और नॉमिनी होने का सबूत जमा करें। बैंक आपके सभी दस्तावेजों को वेरीफाई करेगा और कुछ ही दिनों में पूरा पैसा कानूनी तौर पर आपके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।