आज के समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम आदमी के बजट को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। आए दिन होने वाले बदलावों के बीच क्या आपने कभी सोचा है कि जब हमारा देश आजाद हुआ था, तब देश में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत क्या थी? तेल कंपनियों द्वारा हाल ही में की गई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल का दाम ₹102.12 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। पिछले 78 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों ने एक लंबा और चौंकाने वाला सफर तय किया है। आइए, देखते हैं कि 1947 से लेकर 2026 तक पेट्रोल की कीमतों में कब और कितना बदलाव आया।
साल 1996 से 2000: सिर्फ छह वर्षों में दोगुनी हो गई कीमत

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साल 1996 आते-आते पेट्रोल की कीमतें बढ़कर ₹21.13 प्रति लीटर के स्तर को छू गईं। नए सहस्राब्दी की शुरुआत यानी साल 2000 में स्थिरता के दौर के बीच पेट्रोल की कीमत ₹25.94 प्रति लीटर दर्ज की गई। इस तरह 90 के दशक के शुरुआती सालों के मुकाबले कीमत लगभग दोगुनी हो चुकी थी।
वैश्विक महामारी और मंदी का दौर (2020): ₹80 के पार निकले दाम

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साल 2020 में आई कोविड-19 महामारी और वैश्विक मंदी के बीच भी ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रहा। इस संकट के दौर में भारत में पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹80.00 प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई थी, जिसने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट की चिंताएं बढ़ा दी थीं।
आज का समय (2026): कीमतों का महाशतक और नया स्तर

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पिछले 78 वर्षों के उतार-चढ़ाव को पार करते हुए साल 2026 में पेट्रोल की कीमतों ने प्रमुख शहरों में ₹100 का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। तेल कंपनियों द्वारा हाल ही में किए गए बदलावों के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव ₹102.12 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रेड कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय तेल नीतियां, टैक्स और वैश्विक परिस्थितियां इस वृद्धि के मुख्य कारण हैं।