आजादी के समय 25 पैसे था 1 लीटर पेट्रोल, 78 सालों में कब-कब कितनी बढ़ीं कीमतें; देखें

भारतीय पेट्रोल की कीमतों का शतक: जानिए 1947 से लेकर 2026 तक कैसे बदली पेट्रोल की कीमत। दिल्ली में ₹102.12 हुए दाम, देखें 78 सालों की पूरी रेट लिस्ट।

petrol price journey
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आज के समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम आदमी के बजट को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। आए दिन होने वाले बदलावों के बीच क्या आपने कभी सोचा है कि जब हमारा देश आजाद हुआ था, तब देश में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत क्या थी? तेल कंपनियों द्वारा हाल ही में की गई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल का दाम ₹102.12 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। पिछले 78 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों ने एक लंबा और चौंकाने वाला सफर तय किया है। आइए, देखते हैं कि 1947 से लेकर 2026 तक पेट्रोल की कीमतों में कब और कितना बदलाव आया।

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आजादी का दौर (1947): जब पैसों में मिलता था लीटर भर पेट्रोल

आजादी का दौर (1947): जब पैसों में मिलता था लीटर भर पेट्रोल2 / 7

साल 1947 में जब भारत को आजादी मिली थी, तब देश में पेट्रोल की कीमतें आज की तरह रुपयों में नहीं, बल्कि पैसों में हुआ करती थीं। उस समय देश में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत महज 25 से 27 पैसे के बीच हुआ करती थी। यानी आज के मुकाबले वह बेहद मामूली दौर था। यह भी पढ़ें : Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल डीजल की नई दरें जारी, नोएडा में बड़ी राहत तो पटना-चेन्नई में जेब हुई ढीली; देखें आपके शहर का ताजा भाव

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उदारीकरण से पहले का दशक (1970 और 1990): धीरे-धीरे बढ़ीं कीमतें

उदारीकरण से पहले का दशक (1970 और 1990): धीरे-धीरे बढ़ीं कीमतें3 / 7

आजादी के करीब दो दशक बाद, साल 1970 में पेट्रोल की कीमतों में धीमी बढ़ोतरी देखी गई और यह 90 पैसे प्रति लीटर के स्तर पर पहुंचा। देश में आर्थिक सुधारों और उदारीकरण के दौर से ठीक पहले, साल 1990 तक पेट्रोल की कीमत पहली बार रुपयों में मजबूत होते हुए ₹9.84 प्रति लीटर तक आ गई थी। यह भी पढ़ेंं:  Gas Cylinder New Rate : क‍ितने बढ़े 14 और 19 किलो गैस सिलेंडर के रेट्स? एलपीजी के नए दाम चेक करें

साल 1996 से 2000: सिर्फ छह वर्षों में दोगुनी हो गई कीमत

साल 1996 से 2000: सिर्फ छह वर्षों में दोगुनी हो गई कीमत4 / 7

साल 1996 आते-आते पेट्रोल की कीमतें बढ़कर ₹21.13 प्रति लीटर के स्तर को छू गईं। नए सहस्राब्दी की शुरुआत यानी साल 2000 में स्थिरता के दौर के बीच पेट्रोल की कीमत ₹25.94 प्रति लीटर दर्ज की गई। इस तरह 90 के दशक के शुरुआती सालों के मुकाबले कीमत लगभग दोगुनी हो चुकी थी।

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राजनीतिक मुद्दा और तेज रफ्तार (2005 और 2014): बजट पर बढ़ा असर

राजनीतिक मुद्दा और तेज रफ्तार (2005 और 2014): बजट पर बढ़ा असर5 / 7

साल 2005 में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें देश में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने लगी थीं, जब इसके दाम ₹43.51 प्रति लीटर पर पहुंच गए। इसके बाद 2010 में यह ₹51.43 हो गया। साल 2014 तक देश की तरक्की और वैश्विक बाजार के बदलावों के साथ पेट्रोल की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई और यह आंकड़ा ₹72.00 प्रति लीटर तक जा पहुंचा। यह भी पढ़ें : Bharat Gas Users Alert: 30 जून से पहले निपटा लें यह जरूरी काम, वरना रुक जाएगी गैस सिलेंडर की सप्लाई और सब्सिडी

वैश्विक महामारी और मंदी का दौर (2020): ₹80 के पार निकले दाम

वैश्विक महामारी और मंदी का दौर (2020): ₹80 के पार निकले दाम6 / 7

साल 2020 में आई कोविड-19 महामारी और वैश्विक मंदी के बीच भी ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रहा। इस संकट के दौर में भारत में पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹80.00 प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई थी, जिसने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट की चिंताएं बढ़ा दी थीं।

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आज का समय (2026): कीमतों का महाशतक और नया स्तर

आज का समय (2026): कीमतों का महाशतक और नया स्तर7 / 7

पिछले 78 वर्षों के उतार-चढ़ाव को पार करते हुए साल 2026 में पेट्रोल की कीमतों ने प्रमुख शहरों में ₹100 का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। तेल कंपनियों द्वारा हाल ही में किए गए बदलावों के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव ₹102.12 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रेड कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय तेल नीतियां, टैक्स और वैश्विक परिस्थितियां इस वृद्धि के मुख्य कारण हैं।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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