भविष्य निधि (PF) का पैसा निकालने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के अनुसार, EPFO 3.0 के तहत जल्द ही UPI के जरिए पीएफ क्लेम सेटलमेंट की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसका टेस्टिंग काम भी पूरा हो चुका है। अब आपको अपने पीएफ का पैसा निकालने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि यूपीआई के जरिए यह सीधे आपके लिंक बैंक खाते में आ जाएगा। लेकिन इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको 5 बेहद जरूरी काम तुरंत करने होंगे, वरना आपका पैसा अटक सकता है।
सबसे पहले चेक करें अपना UAN; एक्टिव होना है बेहद जरूरी

2 / 6
यूपीआई के जरिए पीएफ का पैसा तभी ट्रांसफर होगा जब आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) पूरी तरह एक्टिव होगा। अगर आप अपना पासवर्ड भूल गए हैं या आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल गया है, तो उसे तुरंत अपडेट कर लें। यूएएन एक्टिव न होने पर केवाईसी (KYC) वेरिफिकेशन और यूपीआई विड्रॉल जैसी डिजिटल सुविधाएं काम नहीं करेंगी।
नाम और जन्मतिथि में न हो गलती; डेटा का मैच होना अनिवार्य

3 / 6
पीएफ क्लेम रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह नाम या जन्मतिथि की गड़बड़ी होती है। ईपीएफओ रिकॉर्ड में दर्ज आपका नाम और जन्मतिथि पूरी तरह आपके सरकारी दस्तावेजों से मैच होनी चाहिए। इसके अलावा टैक्स की भारी कटौती (TDS) से बचने के लिए अपने पीएफ खाते को पैन (PAN) कार्ड से लिंक और वेरीफाई जरूर करवा लें।
बैंक खाता और आईएफएससी (IFSC) कोड रखें एकदम दुरुस्त

4 / 6
यूपीआई ट्रांसफर पूरी तरह बैंक खातों पर निर्भर करता है। इसलिए ईपीएफओ पोर्टल पर दर्ज आपका बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी (IFSC) कोड बिल्कुल सही होना चाहिए। यह भी सुनिश्चित कर लें कि जो बैंक खाता पीएफ में दर्ज है, उस पर आपकी यूपीआई आईडी (UPI ID) एक्टिव हो और बैंक की केवाईसी (KYC) भी अपडेटेड हो, ताकि पेमेंट में देरी न हो।
मोबाइल नंबर का त्रिकोण रखें एक्टिव; इसी पर आएगा ओटीपी

5 / 6
यूपीआई आधारित लेन-देन में सुरक्षा और पहचान वेरीफाई करने के लिए ओटीपी (OTP) की मुख्य भूमिका होती है। इसलिए जो मोबाइल नंबर आपके सरकारी दस्तावेजों से लिंक है, वही आपके यूएएन (UAN) में रजिस्टर्ड होना चाहिए और वही आपके यूपीआई (UPI) से भी जुड़ा होना चाहिए। इस नंबर का एक्टिव रहना अनिवार्य है।
नौकरी छोड़ने की तारीख और नॉमिनी डिटेल्स करें अपडेट

6 / 6
अगर आपने पुरानी कंपनियां बदली हैं, तो चेक कर लें कि वहां नौकरी छोड़ने की तारीख (Date of Leaving) अपडेट है या नहीं। साथ ही पुराने पीएफ खातों को नए खाते से मर्ज कर लें। अपने पीएफ खाते में नॉमिनी (Nominee) की जानकारी हमेशा अपडेट रखें। अधूरी जानकारी होने पर इमरजेंसी के समय क्लेम की प्रक्रिया बेहद जटिल हो जाती है।