बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू (ICU) में अचानक शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई. इस हादसे में झुलसने और दम घुटने के कारण तीन मरीजों की मौत हो गई है.
मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग

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घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला. अस्पताल के बाहर मरीजों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. इस हादसे से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है.
अस्पताल में फायर कंट्रोल सिस्टम काम नहीं कर रहा

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परिजनों ने बताया कि अस्पताल में फायर कंट्रोल सिस्टम काम नहीं कर रहा है. आग की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई. मरीज और उनके परिजन जान बचाकर किसी तरह अस्पताल से बाहर निकले. हालांकि, आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए यह हादसा काफी भयावह साबित हुआ. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दम घुटने से कुछ मरीजों की मौत हो गई.
मरीजों के परिजनों में है आक्रोश

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इस भीषण अग्निकांड के बाद सबसे ज्यादा दर्द और गुस्सा मरीजों के परिजनों में देखा जा रहा है. आग तड़के करीब 3 बजे अस्पताल के आईसीयू वार्ड में लगी, जिसके बाद पूरा परिसर धुएं से भर गया. इस हादसे में 3 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है. घटना के बाद मरीजों को बचाने के लिए उनके परिजन खुद धुएं के बीच दौड़ पड़े. फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं, लेकिन परिजनों के आंसू और सवाल अभी थमे नहीं हैं.
लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

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चश्मदीद धर्मेंद्र कुमार ने रोते हुए अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि उनकी चाची गीता देवी ICU में भर्ती थीं. आग रात के करीब 3 बजे लगी और उस वक्त ICU में लगभग 20 मरीज थे. हैरान करने वाली बात यह है कि हादसे के समय वहां कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था. जब पूरा वार्ड धुएं से भर गया, तब जाकर अस्पताल का स्टाफ वहां पहुंचा. ऐसे में आप भला कितने लोगों को बचा पाएंगे. धर्मेंद्र ने आगे दिल दहला देने वाला दावा करते हुए कहा कि उनकी चाची की बॉडी को अस्पताल के बाहर फेंक दिया गया था, जिसे उन्होंने खुद ढूंढकर निकाला है. यह अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है.
कैसे लगी अस्पताल में आग?

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फायर ब्रिगेड कर्मी ने कहा कि टीम के पहुंचने के बाद लोगों का रेस्क्यू किया गया. अस्पताल प्रबंधन के लोग मौके से फरार थे. मौके पर फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियां पहुंचीं. स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू में मदद की. हमने 15 से 20 लोगों का रेस्क्यू किया है. हम लोग यहां करीब 4 बजे आ गए थे. फायर ब्रिगेड के अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट से आईसीयू में आग लगी.
आग लगने के बाद कर्मचारी गायब?

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अस्पताल में मौजूद मरीज़ों के परिजनों ने आग लगने के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक परिजन ने दावा किया कि उनके पिता, जो ICU में भर्ती थे, इस घटना में मारे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें शव सौंपने से मना कर दिया और आग लगने के बाद कई कर्मचारी अस्पताल परिसर से गायब हो गए.