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Baba Vanga AI Prediction:बुल्गारिया के नेत्रहीन बाबा वेंगा भले ही दुनिया में न हों, लेकिन उनकी भविष्यवाणियां मशहूर हैं. अब आर्टिफिशयल इंटेंलीजेंस को लेकर भी बाबा वेंगा की ताजा भविष्यवाणी वायरल हो रही है. इससे पहले सोने के दामों को लेकर उनकी भविष्यवाणी सच हो चुकी है. पिछले साल दिसंबर में सोने के गिरते दामों के बीच बाबा वेंगा की भविष्यवाणी वायरल हुई थी कि 2026 में सोने के दाम बढ़ेंगे, अब वैसे ही हो भी हो रहा है.

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हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, गूगल, अमेज़न और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों में बंपर छंटनी हुई है, जानकारों का मानना है कि इस छंटनी का कारण असली कारण एआई ही है. ऐसे में बाबा वेंगा की एएआई को लेकर की भविष्यवाणी की काफी चर्चा होने लगी है. इससे पहले भी बाबा वेंगा अपने जीवनकाल में वे प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक घटनाक्रमों जैसी प्रमुख विश्व घटनाओं की भविष्यवाणी करती थीं.

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अमेरिका में 9, 11 के हमलों और 2004 की सुनामी जैसी घटनाओं की सटीक भविष्यवाणी करने वालीं बाबा वेंगा 1911 से 1996 तक बुल्गारिया में जड़ी-बूटी विशेषज्ञ होते हुए भविष्य की घटनाओं की भविष्यवाणी करने की क्षमता रखने वाली बाबा वेंगा के रूप में प्रसिद्ध हुईं. कुछ लोगों का कहना है कि बाबा वेंगा ने 2026 में एआई का प्रसार बढ़ने से गंभीर आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होने की बात कही थी. हालांकि, इसका कोई प्रमाण नहीं है. ऐसा दुष्प्रचार सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है.

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बाबा वेंगा की भविष्यवाणी को अगर इस तरह से देखा कि 2026 में एआई उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से विकसित हो रही है. मनुष्यों से जुड़े कई काम एएआई से हो रहे हैं. बिना शूटिंग के फिल्में बन रही हैं. आईटी कर्मचारी एआई की मदद से मु्श्किल काम कुछ ही सेकंड में कर लेते हैं. उद्योगों में भी एआई का उपयोग बहुत बढ़ गया है. वाहनों में भी एआई का व्यापक रूप से उपयोग हो रहा है. रोबोटिक्स एआई की देन है. खेतों में काम करने वाले मजदूरों की जगह मशीनों ने ले ली है.

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बाबा वेंगा की भविष्यवाणी को जानकार इस लिहाज से सही मान रहे हैं कि एआई से सामने आने वाले तथ्य सही नहीं होते, लेकिन उसे सच मान लिया जाता है. तथ्यों की जांच न होने के कारण लोगों में गलत प्रचार भी फैल रहा है, क्योंकि एआई अपना डेटा स्वयं नहीं बनाती, बल्कि इंटरनेट पर खोजी गई जानकारी लोगों को देती है. यह जानकारी सही है या गलत, इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. विशेषज्ञ भी इस पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, यह भविष्य के लिए खतरे के संकेत हैं.