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गर्मी के मौसम में हम अक्सर जल्दबाजी में कई चीजें कार के अंदर ही छोड़ देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हैंड सैनिटाइजर को कार में छोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है? तेज गर्मी में यह छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.
कार के अंदर तापमान हो जाता है बेहद ज्यादा

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तेज धूप में खड़ी कार के अंदर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है. बाहर का तापमान भले ही कम लगे, लेकिन बंद कार के भीतर यह 60°C से 70°C तक पहुंच सकता है.
सैनिटाइजर में होता है ज्वलनशील अल्कोहल

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हैंड सैनिटाइजर में आमतौर पर 60% से 80% तक अल्कोहल (इथाइल या आइसोप्रोपिल) मौजूद होता है, जो बेहद ज्वलनशील होता है.
गर्मी में बढ़ जाता है दबाव

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जब कार के अंदर तापमान बढ़ता है, तो सैनिटाइजर की बोतल के भीतर गैस का दबाव भी बढ़ने लगता है. इससे बोतल के फटने या लीक होने का खतरा रहता है.
आग लगने का भी रहता है जोखिम

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अगर बोतल से अल्कोहल बाहर निकलता है और किसी स्पार्क या ज्यादा गर्म सतह के संपर्क में आता है, तो आग लगने की संभावना बढ़ जाती है.
ठंडी जगह पर ही सुरक्षित रहता है सैनिटाइजर

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सैनिटाइजर को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखना चाहिए, ताकि यह सुरक्षित भी रहे और प्रभावी भी.
गर्मी में कम हो जाती है असरदार क्षमता

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ज्यादा तापमान में सैनिटाइजर का अल्कोहल धीरे-धीरे उड़ने लगता है, जिससे यह कीटाणुओं को मारने की अपनी क्षमता खो सकता है.