भारत में इस रंग की कार चलाना है बैन, नहीं माना तो जब्त होगी आपकी गाड़ी

क्या आप जानते हैं कि एक खास रंग की कार रखना आपको मुसीबत में डाल सकता है? अगर आपकी गाड़ी इस रंग में पाई गई, तो पुलिस जब्त कर सकती है और भारी जुर्माना भी लग सकता है. जानिए वो कौन-सा रंग है और इसके पीछे क्या वजह है.

Cars (3)
1 / 8
illegal car colour in India

भारत में कार खरीदते समय लोग इंजन, फीचर्स और माइलेज के साथ-साथ रंग पर भी खास ध्यान देते हैं. बाजार में दर्जनों कलर ऑप्शन मिलते हैं और कई लोग अपनी पसंद का कस्टम कलर भी करवा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा रंग भी है जिसे आप चाहकर भी अपनी कार पर नहीं करा सकते? जी हां, ऑलिव ग्रीन यानी जैतून हरा रंग भारत में आम लोगों के लिए प्रतिबंधित है.

विज्ञापन

आम लोगों के लिए क्यों है बैन?

आम लोगों के लिए क्यों है बैन?2 / 8

ऑलिव ग्रीन कलर भारतीय सेना की पहचान माना जाता है. यह रंग खासतौर पर सेना के वाहनों में इस्तेमाल होता है, जिससे उन्हें अलग पहचान मिलती है और जरूरत पड़ने पर आसानी से पहचाना जा सके. केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत ऑलिव ग्रीन रंग केवल रक्षा विभाग के वाहनों के लिए आरक्षित है. इसका मकसद यह है कि सेना के वाहनों की पहचान किसी भी स्थिति में स्पष्ट बनी रहे और कोई भ्रम न हो.

विज्ञापन

नियम क्या कहता है?

नियम क्या कहता है?3 / 8

नियम 121(1) के अनुसार, कोई भी निजी वाहन ऑलिव ग्रीन रंग में नहीं होना चाहिए, जब तक वह रक्षा विभाग के स्वामित्व में न हो. यह नियम देशभर में लागू है और इसका उल्लंघन करना गैरकानूनी माना जाता है.

अगर नियम तोड़ा तो क्या होगा?

अगर नियम तोड़ा तो क्या होगा?4 / 8

अगर आपकी कार ऑलिव ग्रीन रंग में पाई जाती है, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है. वाहन को जब्त किया जा सकता है और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

विज्ञापन

RTO भी ले सकता है बड़ा एक्शन

RTO भी ले सकता है बड़ा एक्शन5 / 8

यदि आपने वाहन का रंग बदलकर इसकी जानकारी RTO को नहीं दी है, तो आपका रजिस्ट्रेशन तक रद्द किया जा सकता है. इसके अलावा आपको दोबारा सही रंग कराने का आदेश भी दिया जा सकता है.

रंग बदलने के नियम क्या हैं?

रंग बदलने के नियम क्या हैं?6 / 8

अगर आप अपनी कार या बाइक का रंग बदलना चाहते हैं, तो सबसे पहले RTO से अनुमति लेनी जरूरी होती है. इसके बाद ही नया रंग कराया जा सकता है और RC में भी अपडेट करवाना होता है. बिना इस प्रक्रिया के रंग बदलना नियमों का उल्लंघन है.

विज्ञापन

क्या कंपनियां देती हैं इसका विकल्प?

 क्या कंपनियां देती हैं इसका विकल्प?7 / 8

कुछ ऑटो कंपनियां ऑलिव ग्रीन से मिलते-जुलते शेड्स ऑफर करती हैं, लेकिन उनका नाम और टोन अलग रखा जाता है ताकि वे नियमों के दायरे में रहें.

सेना किन गाड़ियों का करती है इस्तेमाल?

सेना किन गाड़ियों का करती है इस्तेमाल?8 / 8

भारतीय सेना अपने बेड़े में Tata Safari, Maruti Suzuki Gypsy, Toyota Hilux, Maruti Jimny और Mahindra Scorpio जैसी मजबूत गाड़ियों का इस्तेमाल करती है. ये सभी वाहन कठिन रास्तों और मुश्किल हालात में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें
विज्ञापन