Tube या Tubeless बाइक के लिए कौन-सा टायर है सबसे बेस्ट? क्या माइलेज पर पड़ता है असर

नई बाइक के लिए टायर खरीदने जा रहे हैं? ट्यूब और ट्यूबलेस टायर में सिर्फ कीमत का ही नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा, माइलेज और मेंटेनेंस का भी बड़ा फर्क छिपा है। जानिए कौन-सा टायर आपके लिए सही रहेगा.

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ट्यूब वाले टायर कैसे काम करते हैं?

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ट्यूब वाले टायर लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे हैं. इनमें टायर के अंदर एक अलग रबर की ट्यूब होती है, जिसमें हवा भरी जाती है. इस तरह के टायर स्पोक वाले पहियों में आसानी से लगाए जा सकते हैं और खराब या उबड़-खाबड़ रास्तों पर झटकों को अच्छी तरह झेलने में मदद करते हैं.

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ट्यूब वाले टायर की सबसे बड़ी कमी

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ट्यूब वाले टायर का सबसे बड़ा नुकसान पंक्चर के समय सामने आता है. अगर टायर में कील या कोई नुकीली चीज घुस जाए, तो अंदर लगी ट्यूब फट सकती है और हवा तेजी से बाहर निकल जाती है. तेज रफ्तार में ऐसा होने पर बाइक का संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. ये भी पढ़ें- कार कम चलती है तो क्या इंजन ऑयल बदलने की जरूरत नहीं? जानिए कितने KM या कितने महीने बाद करना चाहिए चेंज

ट्यूबलेस टायर क्यों हैं अलग?

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आजकल ज्यादातर नई और आधुनिक बाइकों में ट्यूबलेस टायर दिए जाते हैं. इनमें अलग से ट्यूब नहीं होती, बल्कि टायर सीधे रिम के साथ मजबूती से सील हो जाता है. इसी वजह से हवा आसानी से बाहर नहीं निकलती और पंक्चर होने पर भी स्थिति ज्यादा सुरक्षित रहती है.

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ट्यूबलेस टायर के बड़े फायदे

ट्यूबलेस टायर के बड़े फायदे5 / 7

अगर ट्यूबलेस टायर में कील लग भी जाए, तो हवा अचानक नहीं निकलती बल्कि धीरे-धीरे कम होती है. इससे राइडर को बाइक नियंत्रित करने का समय मिल जाता है. इतना ही नहीं, पंक्चर होने के बाद भी कई किलोमीटर तक बाइक चलाकर नजदीकी मैकेनिक तक पहुंचा जा सकता है, जिससे बीच रास्ते धक्का लगाने की परेशानी नहीं होती. ये भी पढ़ें- जीरो डाउन पेमेंट कार खरीदने का ऑफर कितना फायदेमंद? फैसला लेने से पहले जान लें सच्चाई

रिपेयरिंग और माइलेज में भी आगे

रिपेयरिंग और माइलेज में भी आगे6 / 7

ट्यूबलेस टायर का पंक्चर ठीक करना भी काफी आसान होता है. इसके लिए पहिया निकालने की जरूरत नहीं पड़ती और पंक्चर रिपेयर किट की मदद से कुछ ही मिनटों में इसे ठीक किया जा सकता है. ट्यूब न होने की वजह से ये टायर हल्के होते हैं, जिससे इंजन पर कम दबाव पड़ता है, माइलेज बेहतर मिलता है और लंबे सफर में टायर अपेक्षाकृत कम गर्म होते हैं.

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आखिर कौन-सा टायर खरीदना चाहिए?

आखिर कौन-सा टायर खरीदना चाहिए?7 / 7

अगर सुरक्षा, सुविधा और बेहतर परफॉर्मेंस को प्राथमिकता दी जाए, तो ट्यूबलेस टायर ज्यादा अच्छा विकल्प माना जाता है. पंक्चर होने पर हादसे का खतरा कम रहता है, मरम्मत आसान होती है और माइलेज में भी फायदा मिलता है. इसलिए अगर आप अपनी बाइक के टायर बदलवाने की योजना बना रहे हैं, तो ट्यूबलेस टायर चुनना अधिक समझदारी भरा फैसला हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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