कार के इंजन की बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी उम्र के लिए इंजन ऑयल बेहद महत्वपूर्ण होता है. अगर समय पर इंजन ऑयल नहीं बदला जाए, तो इंजन के अंदर घर्षण बढ़ने लगता है. इससे इंजन के पार्ट्स तेजी से घिसते हैं, माइलेज पर असर पड़ता है और महंगे रिपेयर की नौबत भी आ सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए.
हर कार के लिए अलग होता है ऑयल बदलने का समय

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इंजन ऑयल बदलने का सही समय सभी कारों में एक जैसा नहीं होता. यह कार के प्रकार, इंजन टेक्नोलॉजी, ड्राइविंग स्टाइल और सड़क की परिस्थितियों पर निर्भर करता है. पेट्रोल, डीजल और मॉडर्न कारों के लिए इंजन ऑयल बदलने का अंतराल अलग-अलग हो सकता है. सही समय पर ऑयल बदलने से इंजन की कार्यक्षमता और लाइफ दोनों बेहतर रहती हैं.
डीजल और फुल सिंथेटिक ऑयल का अंतर

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डीजल कारों में इंजन ऑयल सामान्य परिस्थितियों में लगभग 7,000 से 10,000 किलोमीटर तक प्रभावी रह सकता है. हालांकि, भारी लोड, लंबी दूरी की यात्रा और खराब सड़कों पर ड्राइविंग करने से इसकी लाइफ कम हो सकती है. वहीं, आधुनिक कारों में इस्तेमाल होने वाला फुल सिंथेटिक इंजन ऑयल ज्यादा टिकाऊ होता है और लगभग 10,000 से 15,000 किलोमीटर तक चल सकता है. फिर भी इसका सही अंतराल कार के मॉडल और निर्माता की गाइडलाइन पर निर्भर करता है.
कम चलने वाली कार में कब बदलें इंजन ऑयल?

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कई कारें छह महीने में केवल 3,000 से 4,000 किलोमीटर ही चलती हैं. ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि तय माइलेज पूरा नहीं हुआ है, इसलिए इंजन ऑयल बदलने की जरूरत नहीं है. लेकिन ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा सही नहीं है. कम इस्तेमाल होने वाली कारों में भी समय पर इंजन ऑयल बदलना जरूरी होता है. ये भी पढे़ं- बारिश में कार का AC ऐसे चलाएं, शीशों पर नहीं जमेगी धुंध, 90% लोग करते हैं यही गलती
सिर्फ माइलेज नहीं, समय भी है अहम

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इंजन ऑयल केवल ज्यादा किलोमीटर चलने से ही खराब नहीं होता. समय बीतने के साथ भी इसकी गुणवत्ता कम होने लगती है. अगर कार लंबे समय तक खड़ी रहती है या बहुत कम इस्तेमाल होती है, तब भी इंजन ऑयल धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोने लगता है. इसलिए सिर्फ ओडोमीटर देखकर फैसला करना सही नहीं है.
सर्विस शेड्यूल को नजरअंदाज न करें

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इंजन की बेहतर परफॉर्मेंस बनाए रखने के लिए निर्माता द्वारा बताए गए सर्विस शेड्यूल का पालन करना सबसे जरूरी है. तय समय पर सर्विसिंग और इंजन ऑयल बदलने से इंजन सुरक्षित रहता है, माइलेज बेहतर मिलता है और कार की लाइफ भी बढ़ जाती है. इसलिए चाहे कार ज्यादा चले या कम, समय और कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार इंजन ऑयल जरूर बदलवाएं.