कार कम चलती है तो क्या इंजन ऑयल बदलने की जरूरत नहीं? जानिए कितने KM या कितने महीने बाद करना चाहिए चेंज

क्या आपकी कार कम चलती है, इसलिए आप इंजन ऑयल बदलने में देरी कर रहे हैं? अगर हां, तो यह गलती आपके इंजन को भारी नुकसान पहुंचा सकती है. जानिए पेट्रोल, डीजल और फुल सिंथेटिक ऑयल को कितने किलोमीटर या कितने समय बाद बदलना चाहिए, ताकि कार की परफॉर्मेंस और इंजन दोनों सुरक्षित रहें.

engine oil
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कार के इंजन की बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी उम्र के लिए इंजन ऑयल बेहद महत्वपूर्ण होता है. अगर समय पर इंजन ऑयल नहीं बदला जाए, तो इंजन के अंदर घर्षण बढ़ने लगता है. इससे इंजन के पार्ट्स तेजी से घिसते हैं, माइलेज पर असर पड़ता है और महंगे रिपेयर की नौबत भी आ सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए.

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हर कार के लिए अलग होता है ऑयल बदलने का समय

हर कार के लिए अलग होता है ऑयल बदलने का समय2 / 7

इंजन ऑयल बदलने का सही समय सभी कारों में एक जैसा नहीं होता. यह कार के प्रकार, इंजन टेक्नोलॉजी, ड्राइविंग स्टाइल और सड़क की परिस्थितियों पर निर्भर करता है. पेट्रोल, डीजल और मॉडर्न कारों के लिए इंजन ऑयल बदलने का अंतराल अलग-अलग हो सकता है. सही समय पर ऑयल बदलने से इंजन की कार्यक्षमता और लाइफ दोनों बेहतर रहती हैं.

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पेट्रोल कार में कितने किलोमीटर बाद बदलें इंजन ऑयल?

पेट्रोल कार में कितने किलोमीटर बाद बदलें इंजन ऑयल?3 / 7

अगर आपके पास पेट्रोल कार है, तो आमतौर पर 5,000 से 10,000 किलोमीटर के बीच इंजन ऑयल बदलने की सलाह दी जाती है. हालांकि, अगर कार अधिकतर शहर के ट्रैफिक में चलती है, जहां बार-बार रुकना और चलना पड़ता है, तो यह अंतराल कम हो सकता है और ऑयल जल्दी बदलने की जरूरत पड़ सकती है. ये भी पढ़ें- जीरो डाउन पेमेंट कार खरीदने का ऑफर कितना फायदेमंद? फैसला लेने से पहले जान लें सच्चाई

डीजल और फुल सिंथेटिक ऑयल का अंतर

डीजल और फुल सिंथेटिक ऑयल का अंतर4 / 7

डीजल कारों में इंजन ऑयल सामान्य परिस्थितियों में लगभग 7,000 से 10,000 किलोमीटर तक प्रभावी रह सकता है. हालांकि, भारी लोड, लंबी दूरी की यात्रा और खराब सड़कों पर ड्राइविंग करने से इसकी लाइफ कम हो सकती है. वहीं, आधुनिक कारों में इस्तेमाल होने वाला फुल सिंथेटिक इंजन ऑयल ज्यादा टिकाऊ होता है और लगभग 10,000 से 15,000 किलोमीटर तक चल सकता है. फिर भी इसका सही अंतराल कार के मॉडल और निर्माता की गाइडलाइन पर निर्भर करता है.

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कम चलने वाली कार में कब बदलें इंजन ऑयल?

कम चलने वाली कार में कब बदलें इंजन ऑयल?5 / 7

कई कारें छह महीने में केवल 3,000 से 4,000 किलोमीटर ही चलती हैं. ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि तय माइलेज पूरा नहीं हुआ है, इसलिए इंजन ऑयल बदलने की जरूरत नहीं है. लेकिन ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा सही नहीं है. कम इस्तेमाल होने वाली कारों में भी समय पर इंजन ऑयल बदलना जरूरी होता है. ये भी पढे़ं- बारिश में कार का AC ऐसे चलाएं, शीशों पर नहीं जमेगी धुंध, 90% लोग करते हैं यही गलती

सिर्फ माइलेज नहीं, समय भी है अहम

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इंजन ऑयल केवल ज्यादा किलोमीटर चलने से ही खराब नहीं होता. समय बीतने के साथ भी इसकी गुणवत्ता कम होने लगती है. अगर कार लंबे समय तक खड़ी रहती है या बहुत कम इस्तेमाल होती है, तब भी इंजन ऑयल धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोने लगता है. इसलिए सिर्फ ओडोमीटर देखकर फैसला करना सही नहीं है.

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सर्विस शेड्यूल को नजरअंदाज न करें

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इंजन की बेहतर परफॉर्मेंस बनाए रखने के लिए निर्माता द्वारा बताए गए सर्विस शेड्यूल का पालन करना सबसे जरूरी है. तय समय पर सर्विसिंग और इंजन ऑयल बदलने से इंजन सुरक्षित रहता है, माइलेज बेहतर मिलता है और कार की लाइफ भी बढ़ जाती है. इसलिए चाहे कार ज्यादा चले या कम, समय और कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार इंजन ऑयल जरूर बदलवाएं.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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