जीरो डाउन पेमेंट कार खरीदने का ऑफर कितना फायदेमंद? फैसला लेने से पहले जान लें सच्चाई

बिना एक रुपये दिए नई कार घर लाने का ऑफर सुनने में शानदार लगता है, लेकिन क्या यह वाकई फायदे का सौदा है? Zero Down Payment Car Loan में छिपे ब्याज, बढ़ी हुई EMI और अतिरिक्त चार्ज आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं. कार खरीदने से पहले इसकी पूरी सच्चाई जरूर जान लें.

car loan

Zero Down Payment पर कार खरीदने से पहले जान लें ये 5 बातें. (Photo-Magnific)

विज्ञापन

नई कार खरीदना लगभग हर किसी का सपना होता है. इसी सपने को आसान बनाने के लिए आजकल कई बैंक और कार कंपनियां Zero Down Payment Car Loan का ऑफर दे रही हैं. इस स्कीम में दावा किया जाता है कि बिना कोई डाउन पेमेंट किए आप नई कार घर ला सकते हैं. पहली नजर में यह ऑफर काफी आकर्षक लगता है, लेकिन इसके पीछे कुछ ऐसे पहलू भी हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है. अगर आप भी इस तरह का लोन लेने की सोच रहे हैं, तो पहले यह समझना जरूरी है कि इसकी असली लागत क्या होती है.

क्या होती है जीरो डाउन पेमेंट स्कीम?

जीरो डाउन पेमेंट स्कीम में बैंक या फाइनेंस कंपनी कार की पूरी ऑन-रोड कीमत पर लोन देती है. सामान्य कार लोन में ग्राहक कुछ रकम डाउन पेमेंट के रूप में देता है, लेकिन इस स्कीम में पूरी राशि फाइनेंस कर दी जाती है. यानी शुरुआत में आपको कार की कीमत का कोई हिस्सा अपनी जेब से नहीं देना पड़ता.

विज्ञापन

EMI का बोझ बढ़ सकता है

जब बैंक पूरी कीमत पर लोन देता है, तो लोन की राशि भी ज्यादा हो जाती है. इसका सीधा असर आपकी मासिक EMI पर पड़ता है. EMI बढ़ने से हर महीने बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. इसलिए केवल बिना डाउन पेमेंट के ऑफर को देखकर फैसला लेना सही नहीं माना जाता.

ब्याज दर पर जरूर दें ध्यान

जीरो डाउन पेमेंट कार लोन में ब्याज दर भी एक अहम पहलू है. कई बैंक और वित्तीय संस्थान ऐसे लोन को ज्यादा जोखिम वाला मानते हैं, इसलिए सामान्य कार लोन की तुलना में इन पर अधिक ब्याज लिया जा सकता है. कई मामलों में ब्याज दर 1 से 2 प्रतिशत तक ज्यादा होती है. लंबे समय में यही छोटा अंतर आपको कार की वास्तविक कीमत से काफी अधिक भुगतान करने की स्थिति में पहुंचा सकता है.

विज्ञापन

छिपे हुए चार्ज भी बढ़ा सकते हैं खर्च

अक्सर विज्ञापनों में सिर्फ यह बताया जाता है कि बिना डाउन पेमेंट के कार मिल जाएगी, लेकिन कई जरूरी खर्चों का जिक्र नहीं किया जाता. प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज, इंश्योरेंस और रोड टैक्स जैसे खर्च शुरुआत में देने पड़ सकते हैं. कई बार इन्हें भी लोन राशि में जोड़ दिया जाता है, जिससे कुल कर्ज और बढ़ जाता है.

एग्रीमेंट पढ़े बिना न करें साइन

कई बार लोग ऑफर देखकर जल्दबाजी में लोन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर देते हैं. बाद में उन्हें पता चलता है कि उसमें कुछ ऐसी शर्तें शामिल थीं, जिनकी जानकारी पहले नहीं थी. इसलिए किसी भी जीरो डाउन पेमेंट कार लोन को लेने से पहले उसकी सभी शर्तों और नियमों को ध्यान से पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है.

विज्ञापन

जीरो डाउन पेमेंट कार लोन सुनने में आसान और सुविधाजनक जरूर लगता है, लेकिन इसके साथ ज्यादा EMI, अधिक ब्याज और अतिरिक्त चार्ज जैसी कई जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं. इसलिए कार खरीदने का फैसला सिर्फ ऑफर देखकर नहीं, बल्कि अपनी सैलरी, मासिक खर्च को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ