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सड़क पर अक्सर लोग सिर्फ चालान से बचने के लिए छोटू हेलमेट या कैप जैसे दिखने वाले सस्ते हेलमेट पहन लेते हैं, खासकर बाइक टैक्सी राइड पर पीछे बैठने वाले यात्री. देखने में ये हेलमेट भले ही ठीक लगें, लेकिन असल में ये आपकी सुरक्षा के साथ बड़ा समझौता होते हैं. ट्रैफिक नियम साफ कहते हैं कि सिर्फ वही हेलमेट मान्य है, जो तय सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता हो. अगर आप भी हल्के या बिना ISI मार्क वाले हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए-यह न सिर्फ आपकी जान के लिए खतरा है, बल्कि भारी जुर्माने की वजह भी बन सकता है. (AI Generated Image)
‘छोटू हेलमेट’ क्या होता है?

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सड़क पर दिखने वाला छोटा या हाफ हेलमेट, जिसे लोग कैप हेलमेट भी कहते हैं, असल में सिर पर सिर्फ ऊपर की तरफ फिट होता है. यह पूरा सिर कवर नहीं करता और ज्यादातर लोग इसे सिर्फ चालान से बचने के लिए पहनते हैं. (AI Generated Image)
नियम क्या कहते हैं?

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भारत में ट्रैफिक नियमों के मुताबिक, हेलमेट तभी मान्य होता है जब उस पर ISI मार्क हो. यह नियम सिर्फ बाइक चलाने वाले पर ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले यात्री पर भी बराबर लागू होता है. ज्यादातर छोटे और सस्ते हेलमेट पर ISI या BIS का सर्टिफिकेशन नहीं होता. ऐसे में ये कानून के हिसाब से मान्य नहीं माने जाते और पुलिस इन्हें अवैध मान सकती है. (AI Generated Image)
सुरक्षा में कितनी कमी?

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ये हेलमेट केवल सिर के ऊपरी हिस्से को ढंकते हैं. जबड़े, कान और चेहरे का निचला हिस्सा पूरी तरह खुला रहता है, जो दुर्घटना के समय सबसे ज्यादा चोटिल हो सकता है. (AI Generated Image)
क्वालिटी भी बड़ी समस्या

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अक्सर ये हेलमेट सस्ते प्लास्टिक से बने होते हैं और हल्की टक्कर में ही टूट सकते हैं. इस वजह से इन्हें ‘खिलौना हेलमेट’ भी कहा जाता है, जो असल में किसी काम के नहीं होते. (AI Generated Image)
कितना लग सकता है चालान?

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अगर आपने हेलमेट पहना है लेकिन वह ISI मार्क वाला नहीं है, तो ₹1,000 तक का चालान कट सकता है. वहीं अगर हेलमेट की पट्टी खुली है, तो उसे बिना हेलमेट माना जाएगा और जुर्माना देना पड़ेगा. (AI Generated Image)
लाइसेंस भी हो सकता है सस्पेंड

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बार-बार घटिया या गैर-मानक हेलमेट पहनने पर आपका ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. यानी नुकसान सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं रहता. (AI Generated Image)
सही हेलमेट कैसे चुनें?

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हेलमेट खरीदते समय उसके पीछे ISI मार्क जरूर चेक करें. फुल-फेस हेलमेट सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यह पूरे सिर और चेहरे को कवर करता है. साथ ही, हेलमेट की फिटिंग और अंदर की पैडिंग भी मजबूत होनी चाहिए.
सुरक्षित सफर के लिए जरूरी सलाह

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सड़क किनारे ₹200-300 में मिलने वाले हेलमेट से बचें और हमेशा अच्छी क्वालिटी का हेलमेट खरीदें. ध्यान रखें कि पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट जरूरी है. अगर हेलमेट कभी गिर जाए या उसमें दरार आ जाए, तो उसे तुरंत बदल देना ही समझदारी है.