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अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत देखना काफी नहीं होता. असली खर्च ऑन-रोड प्राइस में सामने आता है, जिसमें रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस जैसे चार्ज जुड़ जाते हैं. यही वजह है कि एक ही कार अलग-अलग शहरों में अलग कीमत पर मिलती है. दिलचस्प बात यह है कि कुछ शहर ऐसे भी हैं, जहां से कार खरीदकर आप हजारों रुपये तक बचा सकते हैं.
ऑन-रोड कीमत क्यों बदलती है?

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कार की ऑन-रोड कीमत में रोड टैक्स सबसे बड़ा हिस्सा होता है. हर राज्य और शहर में टैक्स की दर अलग होती है, इसलिए कार की अंतिम कीमत भी बदल जाती है. इसी कारण कहीं कार सस्ती मिलती है, तो कहीं वही मॉडल महंगा पड़ता है.
शिमला- सबसे सस्ता विकल्प

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रोड टैक्स के मामले में शिमला काफी किफायती शहर माना जाता है. यहां टैक्स करीब 2.5% से 3% तक ही होता है. अगर आप 5 लाख रुपये की कार खरीदते हैं, तो यहां टैक्स लगभग 12 से 15 हजार रुपये ही लगेगा, जो बड़े शहरों के मुकाबले काफी कम है.
पुदुच्चेरी- सस्ती कार खरीदने का दूसरा ठिकाना

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पुदुच्चेरी भी कम रोड टैक्स के लिए जाना जाता है. यहां छोटी कारों पर टैक्स करीब 4% से 6% तक होता है. ऐसे में दिल्ली या मुंबई के मुकाबले यहां से कार खरीदने पर 50 से 70 हजार रुपये तक की बचत हो सकती है.
चंडीगढ़ और गुरुग्राम- सुविधाजनक और सस्ते विकल्प

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चंडीगढ़ में रोड टैक्स लगभग 3% से 6% के बीच रहता है, जो इसे किफायती बनाता है. वहीं गुरुग्राम में टैक्स 5% से 10% तक होता है, जो कई बड़े शहरों से कम है. दिल्ली के पास होने की वजह से ये दोनों शहर खरीदारी के लिए सुविधाजनक भी हैं.
गंगटोक- कम खर्च और आसान प्रोसेस

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गंगटोक भी उन शहरों में शामिल है जहां कार खरीदना सस्ता पड़ सकता है. यहां टैक्स कम होने के साथ रजिस्ट्रेशन प्रोसेस भी आसान है. यहां से कार खरीदने पर आप 25 से 35 हजार रुपये तक बचा सकते हैं.
महंगे शहर- जहां खर्च बढ़ जाता है

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दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में रोड टैक्स 7% से 13% तक हो सकता है. इसी वजह से 5 लाख रुपये की कार की ऑन-रोड कीमत 5.5 से 6 लाख रुपये तक पहुंच जाती है, जिससे खरीदारों का बजट बढ़ जाता है.