कार की बैटरी की लाइफ फिक्स नहीं होती. यह इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपनी कार का इस्तेमाल कैसे करते हैं. ऑटोमोटिव सर्विस एसोसिएशन के मैकेनिकल डिवीजन डायरेक्टर थॉमस पिप्पो के मुताबिक, कुछ लोगों की बैटरी 10 साल तक आराम से चल जाती है, जबकि कुछ मामलों में यह 3 से 5 साल के भीतर ही खराब हो सकती है.
आज की कारों में बैटरी क्यों है इतनी जरूरी?

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आधुनिक कारें पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर निर्भर हो चुकी हैं. बैटरी सिर्फ इंजन स्टार्ट करने का काम नहीं करती, बल्कि हेडलाइट्स, केबिन लाइट्स, ABS, AC, हीटर और एयरबैग जैसे कई महत्वपूर्ण फीचर्स को भी पावर देती है. बैटरी खराब होने पर इन सिस्टम्स की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है.
ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स बैटरी पर डालते हैं दबाव

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नई कारों में ऑटोमैटिक हेडलाइट्स और कई ऐसे फीचर्स होते हैं जो इंजन बंद होने के बाद भी कुछ समय तक सक्रिय रहते हैं. अगर लाइट्स या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लंबे समय तक ऑन रहते हैं, तो बैटरी तेजी से डिस्चार्ज हो सकती है और उसकी लाइफ कम हो सकती है. ये भी पढ़ें-क्या गर्मी में AC चलाने से इलेक्ट्रिक कारों की रेंज कम हो जाती है? जान लें सच
बार-बार स्टार्ट और मौसम भी बनते हैं वजह

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हर बार कार स्टार्ट करने पर बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसके अलावा बहुत ज्यादा गर्मी या कड़ाके की ठंड में बैटरी को इंजन स्टार्ट करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. यही कारण है कि खराब मौसम बैटरी की उम्र कम करने में अहम भूमिका निभाता है.
बैटरी खराब होने के शुरुआती संकेत

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अगर कार स्टार्ट होने में सामान्य से ज्यादा समय लेने लगे या ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने के दौरान हेडलाइट्स और केबिन लाइट्स हल्की पड़ने लगें, तो यह बैटरी कमजोर होने का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
5 मिनट का आसान टेस्ट बताएगा बैटरी की हालत

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रीडर्स डाइजेस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इंजन बंद करके सिर्फ इग्निशन ऑन रखें. अगर 5 मिनट के भीतर स्क्रीन या लाइट्स बंद होने लगें, तो बैटरी बदलने का समय आ सकता है. सामान्य स्थिति में एक अच्छी बैटरी इंजन बंद रहने पर भी 20 से 30 मिनट तक आसानी से लोड संभाल सकती है. (Image Credit- Freepik)