गाड़ी पार्क करते समय वाइपर उठाना क्यों है जरूरी? क्या कहते हैं एक्सपर्ट

क्या आप भी कार पार्क करने के बाद वाइपर ऊपर उठाते हैं या इसे जरूरी न समझकर नजरअंदाज कर देते हैं? जानिए इसके पीछे का पूरा सच, जो हर कार मालिक को पता होना चाहिए.

Car Wiper
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कई बार आपने देखा होगा कि लोग कार पार्क करने के बाद उसके वाइपर को विंडशील्ड से ऊपर उठाकर छोड़ देते हैं. देखने में यह छोटी सी बात लगती है, लेकिन इसके पीछे एक बेहद उपयोगी कारण है. खासकर गर्मियों में यह आदत वाइपर ब्लेड को नुकसान से बचाने में मदद कर सकती है. ऑटो एक्सपर्ट्स भी तेज धूप में पार्किंग के दौरान ऐसा करने की सलाह देते हैं.

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गर्म विंडशील्ड बन सकती है वाइपर की दुश्मन

गर्म विंडशील्ड बन सकती है वाइपर की दुश्मन2 / 6

गर्मी के मौसम में जब कार लंबे समय तक खुली धूप में खड़ी रहती है, तो उसकी विंडशील्ड काफी ज्यादा गर्म हो जाती है. कई मामलों में शीशे का तापमान 60 से 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो बाहर के तापमान से कहीं अधिक होता है. ऐसे में वाइपर लगातार गर्म कांच के संपर्क में रहते हैं, जिससे उनके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.

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गर्मी से कैसे खराब हो जाते हैं वाइपर ब्लेड?

गर्मी से कैसे खराब हो जाते हैं वाइपर ब्लेड?3 / 6

वाइपर ब्लेड आमतौर पर मुलायम और लचीले रबर से बने होते हैं. जब यह लंबे समय तक गर्म विंडशील्ड पर दबे रहते हैं, तो उनका रबर धीरे-धीरे सख्त होने लगता है. कई बार रबर शीशे से चिपक भी सकता है. इसकी वजह से वाइपर की पानी साफ करने की क्षमता प्रभावित होती है और बारिश के दौरान दृश्यता कम हो सकती है. ऐसी स्थिति में वाइपर ब्लेड बदलवाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता. ये भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं नंबर प्लेट की शुरुआत किस देश में हुई थी? जवाब चौंका देगा

सिर्फ वाइपर ही नहीं, दूसरे रबर पार्ट्स भी होते हैं प्रभावित

सिर्फ वाइपर ही नहीं, दूसरे रबर पार्ट्स भी होते हैं प्रभावित4 / 6

तेज गर्मी का असर केवल वाइपर ब्लेड तक सीमित नहीं रहता. कार में मौजूद अन्य रबर पार्ट्स जैसे डोर सील और टायर भी अत्यधिक तापमान के कारण जल्दी सख्त हो सकते हैं. लगातार धूप में वाहन खड़ा करने से इन हिस्सों की उम्र कम हो सकती है, जिससे समय के साथ मेंटेनेंस और रिपेयर का खर्च बढ़ने लगता है.

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वाइपर को सुरक्षित रखने के आसान उपाय

वाइपर को सुरक्षित रखने के आसान उपाय5 / 6

इस समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका है कि कार पार्क करते समय वाइपर को धीरे से उठाकर विंडशील्ड से अलग कर दिया जाए. इससे रबर का गर्म शीशे से सीधा संपर्क नहीं होता. अगर वाइपर उठाना संभव न हो, तो वाइपर और कांच के बीच सूती कपड़ा या कार्डबोर्ड का छोटा टुकड़ा रखा जा सकता है, जिससे दोनों के बीच दूरी बनी रहे. ये भी पढ़ें- बारिश में बाइक रोकते समय पहले कौन-सा ब्रेक दबाना चाहिए? एक गलती बन सकती है हादसे की वजह

सनशेड का इस्तेमाल भी देगा फायदा

सनशेड का इस्तेमाल भी देगा फायदा6 / 6

कार के अंदरूनी हिस्सों को गर्मी से बचाने के लिए फ्रंट विंडशील्ड पर सिल्वर फॉयल वाला रिफ्लेक्टिव सनशेड लगाना भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है. यह केबिन और डैशबोर्ड का तापमान कम रखने में मदद करता है और गर्मी के असर को काफी हद तक घटा सकता है. (Images Credit-AI)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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