भारत की रसोई में सरसों का तेल सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत का अहम हिस्सा है. दाल में तड़का हो, सब्जी बने या अचार तैयार करना हो. सरसों के तेल की खुशबू से ही खाने का मजा बढ़ जाता है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि काली सरसों का तेल बेहतर है या पीली सरसों का? दोनों ही बाजार में आसानी से मिल जाते हैं, दोनों को सेहत के लिए अच्छा कहा जाता है, फिर भी सही विकल्प चुनना कई लोगों के लिए उलझन बन जाता है. अगर आप भी रोज खाना बनाने के लिए सही सरसों का तेल चुनना चाहते हैं, तो आइए आपको बताते हैं कौन सा तेल ज्यादा बेहतर है.
काली और पीली सरसों में क्या है असली फर्क?
काली सरसों और पीली सरसों देखने, स्वाद और गुणों में थोड़ी अलग होती हैं. काली सरसों के दाने छोटे और गहरे रंग के होते हैं, जिनसे निकलने वाला तेल काफी तीखा और खुशबूदार होता है. इसमें तेल की मात्रा भी ज्यादा पाई जाती है. वहीं पीली सरसों की बात करें को, इसके दाने हल्के पीले रंग के होते हैं और इससे निकलने वाला तेल स्वाद में हल्का होता है. जिन लोगों को तेज गंध पसंद नहीं होती, वे आमतौर पर पीली सरसों के तेल को ज्यादा पसंद करते हैं.
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पीली सरसों का तेल
पीली सरसों का तेल स्वाद में हल्का होता है और आसानी से पच जाता है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अच्छी होती है, जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है. इसके अलावा इसमें एंटीसेप्टिक आदि कई तरह के गुण होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं. इसे त्वचा और बालों पर लगाने में भी इस्तेमाल किया जाता है.
काली सरसों का तेल
अब बात करते हैं काली सरसों के बारे में, काली सरसों का तेल अपने तेज स्वाद और खुशबू के लिए जाना जाता है. इसका स्मोक पॉइंट ज्यादा होता है, यानी यह तेज आंच पर भी खराब नहीं होता. इसलिए इसे तलने, तड़का लगाने और भारी सब्जियों के लिए अच्छा माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने में मदद करते हैं. सीमित मात्रा में इसका सेवन पाचन को भी बेहतर बना सकता है, खासकर ठंडे मौसम में.
खाना पकाने के लिए कौन सा सरसों का तेल चुनें?
अगर आपको तेज स्वाद और पारंपरिक खुशबू पसंद है, तो काली सरसों का तेल आपके लिए सही रहेगा. वहीं हल्का, जल्दी पचने वाला और दिल बनाए रखने वाला तेल चाहिए, तो पीली सरसों का तेल चुन सकते हैं. दोनों ही तेल सेहत के लिए अच्छे हैं, बस शर्त यह है कि तेल शुद्ध, ताजा और कोल्ड-प्रेस्ड हो. सही मात्रा में और सही तरीके से इस्तेमाल किया गया सरसों का तेल रोजमर्रा की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.
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भारत की रसोई में सरसों का तेल सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत का अहम हिस्सा है. दाल में तड़का हो, सब्जी बने या अचार तैयार करना हो. सरसों के तेल की खुशबू से ही खाने का मजा बढ़ जाता है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि काली सरसों का तेल बेहतर है या पीली सरसों का? दोनों ही बाजार में आसानी से मिल जाते हैं, दोनों को सेहत के लिए अच्छा कहा जाता है, फिर भी सही विकल्प चुनना कई लोगों के लिए उलझन बन जाता है. अगर आप भी रोज खाना बनाने के लिए सही सरसों का तेल चुनना चाहते हैं, तो आइए आपको बताते हैं कौन सा तेल ज्यादा बेहतर है.
काली और पीली सरसों में क्या है असली फर्क?
काली सरसों और पीली सरसों देखने, स्वाद और गुणों में थोड़ी अलग होती हैं. काली सरसों के दाने छोटे और गहरे रंग के होते हैं, जिनसे निकलने वाला तेल काफी तीखा और खुशबूदार होता है. इसमें तेल की मात्रा भी ज्यादा पाई जाती है. वहीं पीली सरसों की बात करें को, इसके दाने हल्के पीले रंग के होते हैं और इससे निकलने वाला तेल स्वाद में हल्का होता है. जिन लोगों को तेज गंध पसंद नहीं होती, वे आमतौर पर पीली सरसों के तेल को ज्यादा पसंद करते हैं.
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पीली सरसों का तेल
पीली सरसों का तेल स्वाद में हल्का होता है और आसानी से पच जाता है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अच्छी होती है, जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है. इसके अलावा इसमें एंटीसेप्टिक आदि कई तरह के गुण होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं. इसे त्वचा और बालों पर लगाने में भी इस्तेमाल किया जाता है.
काली सरसों का तेल
अब बात करते हैं काली सरसों के बारे में, काली सरसों का तेल अपने तेज स्वाद और खुशबू के लिए जाना जाता है. इसका स्मोक पॉइंट ज्यादा होता है, यानी यह तेज आंच पर भी खराब नहीं होता. इसलिए इसे तलने, तड़का लगाने और भारी सब्जियों के लिए अच्छा माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने में मदद करते हैं. सीमित मात्रा में इसका सेवन पाचन को भी बेहतर बना सकता है, खासकर ठंडे मौसम में.
खाना पकाने के लिए कौन सा सरसों का तेल चुनें?
अगर आपको तेज स्वाद और पारंपरिक खुशबू पसंद है, तो काली सरसों का तेल आपके लिए सही रहेगा. वहीं हल्का, जल्दी पचने वाला और दिल बनाए रखने वाला तेल चाहिए, तो पीली सरसों का तेल चुन सकते हैं. दोनों ही तेल सेहत के लिए अच्छे हैं, बस शर्त यह है कि तेल शुद्ध, ताजा और कोल्ड-प्रेस्ड हो. सही मात्रा में और सही तरीके से इस्तेमाल किया गया सरसों का तेल रोजमर्रा की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.
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