टेलीविजन पर प्रसारित होने वाला पहला विज्ञापन कौन सा था? क्या आप जानते हैं...

आज हम टीवी पर कई तरह के विज्ञापन देखते हैं। फिर चाहे वो खाने-पीने की चीजों के हों या कपड़े और जूते-चप्पलों के। या फिर घरेलू इस्तेमाल की चीजों के। क्या कभी दिमाग में ये प्रश्न आया है कि सबसे पहला विज्ञापन कौन सा होगा। आइए आज हम आपको बताते हैं कि कौन सा था पहला ऐड?

first television advertisement history

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आज के समय में टीवी की अपनी पहचान कहीं खो सी गई है, उसकी जगह ओटीटी ने ले ली है। हां एक चीज आज भी बरकरार जो टीवी में भी थी और ओटीटी पर भी है। हम बात कर रहे हैं विज्ञापनों की जो पहले भी आते थे और आज भी आते हैं, हालांकि उनकी परिभाषा बदल गई है। पहले टीवी पर अच्छे और रोचक विज्ञापन आते थे, लेकिन आज के समय में अश्लीलता से भरे विज्ञापन आने लगे हैं जिन्हें फैमिली के साथ देखना कई बार मुश्किल हो जाता है। जिन लोगों के दिमाग में ये प्रश्न आता है कि पहला विज्ञापन कौन सा था वो यहां जान लें।

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कब प्रकाशित हुआ था पहला विज्ञापन

टीवी पर आज तो कई सारे विज्ञापन आने लगे हैं, लेकिन सबसे पहला कौन सा था ये जान लेते हैं। भारत का पहला टेलीविजन विज्ञापन 1 जनवरी 1976 को प्रसारित हुआ था। कथित तौर पर यह विज्ञापन ग्वालियर सूटिंग एंड फैब्रिक्स का बताया जाता है। इस विज्ञापन के बाद भारत में विज्ञापनों की पूरी दुनिया ही बदल गई। इतना ही नहीं, जब 1982 में कलर टीवी ने दस्तक दी तो उस समय पहला रंगीन विज्ञापन बॉम्बे डाइंग का था। तब से ही विज्ञापनों की मांग बढ़ती चली गई जो कमाई का भी सोर्स हैं।

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क्यों बनाए जाते हैं विज्ञापन

क्या आपने कभी सोचा है कि विज्ञापन बनाए क्यों जाते हैं। दरअसल विज्ञापन इसलिए बनते हैं ताकि उत्पाद के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके। अलग-अलग तरीके से विज्ञापन प्रसारित किए जाते हैं इसके जरिए एक तो लोगों को सामान के बारे में नॉलेज मिलती है। दूसरा जिस ओटीटी प्लेटफॉर्म या फिल्म के बीच में विज्ञापन आता है उसे विज्ञापन से कमाई भी होती है। विज्ञापन कंपनियां अपना प्रोडक्ट के प्रमोशन के लिए कंपनी को पैसे देते हैं और अपने सामान के बारे में घर-घर लोगों को नॉलेज पहुंचाते हैं।

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कब हुई रंगीन टेलीविजन की शुरुआत

क्या आप जानते हैं कि रंगीन टेलीविजन की शुरुआत कब हुई थी? चलिए हम बता देते हैं। दरअसल 1982 में रंगीन टेलीविजन की शुरुआत हुई थी। दूरदर्शन पर एशियाई खेलों के प्रसारण ने भारतीय टेलीविजन में क्रांतिकारी बदलाव लाए। 1966 में कृषि दर्शन कार्यक्रम देश में हरित क्रांति का अग्रदूत बना। रंगीन टेलीविजन के बाद ‘बुनियाद’, ‘नुक्कड़’, ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ जैसे शो ने दूरदर्शन की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

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