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नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य की ओर बढ़ी भगवंत मान सरकार, ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण शुरू

पंजाब सरकार का “युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान नशा मुक्त पंजाब की दिशा में एक मजबूत कदम है. जागरूकता, सख्त कार्रवाई और पुनर्वास के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर दिया जा रहा है.

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पंजाब सरकार राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में चल रहा “युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान अब अपने दूसरे चरण में पहुंच गया है. इस चरण का मकसद सिर्फ नशा बेचने वालों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना और युवाओं को नशे से दूर रखना भी है. ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग के राज्य मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने बताया कि इस अभियान के तहत गांवों और शहरों में घर-घर जाकर लोगों को नशे के नुकसान बताए जाएंगे. इसमें पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं, स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों को साथ जोड़ा जाएगा, ताकि हर व्यक्ति इस लड़ाई का हिस्सा बने.

सरकार की इस पहल की एक खास बात यह है कि नशा छोड़ चुके युवाओं को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है. ये युवा अपने अनुभव दूसरों से साझा करेंगे और बताएंगे कि नशा जीवन को कैसे नुकसान पहुंचाता है. सरकार का मानना है कि जिन लोगों ने खुद नशे से बाहर निकलने का रास्ता देखा है, उनकी बात युवाओं पर ज्यादा असर डालती है.

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“युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान तीन बातों पर आधारित है नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई, नशा पीड़ितों का इलाज और नशे की रोकथाम. एक तरफ नशा बेचने वालों को पकड़कर सजा दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ नशे की लत में फंसे लोगों को इलाज और नया जीवन शुरू करने का मौका दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री भगवंत मान का साफ कहना है कि नशा बेचने वालों के लिए पंजाब में कोई जगह नहीं है, लेकिन नशे के शिकार युवाओं को सरकार हर संभव मदद देगी. सरकार को पूरा भरोसा है कि कानून, जागरूकता और समाज के सहयोग से पंजाब को आने वाले समय में पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सकता है.

First published on: Jan 04, 2026 06:53 PM

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