77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ से 'नारी शक्ति' की एक ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई. भारतीय वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया.
कौन हैं अक्षिता धनखड़?
हरियाणा के कासनी गांव की रहने वाली अक्षिता के पिता भी वायुसेना में रह चुके हैं. दिल्ली के खालसा कॉलेज से पढ़ाई करने वालीं अक्षिता एनसीसी के साथ भी जुड़ी रहीं. एनसीसी में उन्हें कैडेट सार्जेंट मेजर की रैंक मिली. इससे उन्हें लीडरशिप और अनुशासन सीखने को मिला. जिसकी वजह से वायुसेना में शामिल होने के उनके सपने को पूरा करने में मदद मिली.
आर्म्ड फोर्सेज में जाने का पक्का इरादा करके, धनखड़ ने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट पास किया. उन्होंने 2023 में वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन हासिल किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच के लिए चुना गया था. तीन साल बाद वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पहुंच गईं.
सिमरन ने किया CRPF के पुरुष दस्ते को लीड
अक्षिता के अलावा, जम्मू-कश्मीर की असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला ने सीआरपीएफ के 140 पुरुषों के दस्ते का नेतृत्व कर इतिहास रच दिया. वहीं, स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी ने वायुसेना के मार्चिंग दस्ते की कमान संभाली. ये गौरवशाली पल भारतीय सेनाओं में महिलाओं के बढ़ते वर्चस्व और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण हैं.
स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और दिनेश के साथ मार्चिंग टुकड़ी को लीड किया.
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ से ‘नारी शक्ति’ की एक ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई. भारतीय वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया.
कौन हैं अक्षिता धनखड़?
हरियाणा के कासनी गांव की रहने वाली अक्षिता के पिता भी वायुसेना में रह चुके हैं. दिल्ली के खालसा कॉलेज से पढ़ाई करने वालीं अक्षिता एनसीसी के साथ भी जुड़ी रहीं. एनसीसी में उन्हें कैडेट सार्जेंट मेजर की रैंक मिली. इससे उन्हें लीडरशिप और अनुशासन सीखने को मिला. जिसकी वजह से वायुसेना में शामिल होने के उनके सपने को पूरा करने में मदद मिली.
आर्म्ड फोर्सेज में जाने का पक्का इरादा करके, धनखड़ ने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट पास किया. उन्होंने 2023 में वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन हासिल किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच के लिए चुना गया था. तीन साल बाद वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पहुंच गईं.
सिमरन ने किया CRPF के पुरुष दस्ते को लीड
अक्षिता के अलावा, जम्मू-कश्मीर की असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला ने सीआरपीएफ के 140 पुरुषों के दस्ते का नेतृत्व कर इतिहास रच दिया. वहीं, स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी ने वायुसेना के मार्चिंग दस्ते की कमान संभाली. ये गौरवशाली पल भारतीय सेनाओं में महिलाओं के बढ़ते वर्चस्व और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण हैं.
स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और दिनेश के साथ मार्चिंग टुकड़ी को लीड किया.