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पश्चिम एशिया संकट: भारत में ईंधन आपूर्ति सुरक्षित, रोज 50 लाख LPG सिलेंडर की डिलीवरी

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की आपूर्ति फिलहाल स्थिर है और किसी तरह की कमी नहीं है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें.

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Written By: Kumar Gaurav Updated: Mar 12, 2026 22:45
Prayagraj, Mar 12 (ANI): A delivery boy unloads an LPG cylinder from a truck, in Prayagraj on Thursday. (ANI Photo) National::Nitin Sharma

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की आपूर्ति फिलहाल स्थिर है और किसी तरह की कमी नहीं है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें.

सरकार की ओर से गुरुवार को अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उससे निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि सरकार ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा, विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को लेकर लगातार निगरानी कर रही है.

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रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रहीं

अधिकारियों के मुताबिक भारत में कुल 22 रिफाइनरियां हैं और वे इस समय उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं. कई रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर भी उत्पादन कर रही हैं. भारत प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत करता है और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है.

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की स्थिति पैदा हो गई है, लेकिन सरकार ने बताया कि भारत अब 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है और लगभग 70 प्रतिशत तेल अब होर्मुज के अलावा अन्य मार्गों से आ रहा है.

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देश में लगभग एक लाख पेट्रोल पंप हैं और सभी पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है.

प्राकृतिक गैस के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए सरकार वैकल्पिक स्रोतों और मार्गों से गैस की खरीद कर रही है. 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश भी जारी किया गया है, ताकि प्राथमिकता के आधार पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत बढ़ोतरी

सरकार ने बताया कि भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और उसमें से करीब 90 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है. मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं.

9 मार्च को जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके चलते पिछले पांच दिनों में घरेलू एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

देशभर में 25 हजार से अधिक एलपीजी वितरक हैं और फिलहाल कहीं भी सिलेंडर की कमी की सूचना नहीं है. हर दिन करीब 50 लाख सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है. हालांकि घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है, इसलिए सरकार ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक बुकिंग से बचें.

गैर-घरेलू एलपीजी के मामले में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है. रेस्तरां, होटल और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को एलपीजी आवंटन की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसमें इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशक शामिल हैं.

सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी की औसत मासिक मांग का 20 प्रतिशत आज से आवंटित करने का फैसला किया है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके.

वैकल्पिक ईंधन विकल्प भी सक्रिय

एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक ईंधन विकल्प भी सक्रिय किए गए हैं. केरोसीन को पीडीएस और पेट्रोल पंपों के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है. औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए फ्यूल ऑयल उपलब्ध कराया जा रहा है.

पर्यावरण मंत्रालय ने राज्यों को एक महीने के लिए रेस्तरां और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बायोमास, आरडीएफ पेलेट, केरोसीन या कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन के उपयोग की अनुमति देने की सलाह दी है.

बंदरगाह और शिपिंग संचालन सामान्य

पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि भारत के सभी बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है. एलपीजी जहाजों को प्राथमिकता से बर्थिंग दी जा रही है और लॉजिस्टिक्स से जुड़े मामलों के समाधान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं.

फिलहाल फारस की खाड़ी क्षेत्र में 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज काम कर रहे हैं, जिनमें 778 भारतीय नाविक सवार हैं. इन सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

हालांकि क्षेत्र में कुछ समुद्री घटनाओं में भारतीय चालक दल के सदस्य भी प्रभावित हुए हैं. अब तक 3 भारतीयों की मौत हुई है, 4 घायल हुए हैं और एक नाविक लापता बताया गया है.

विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर नजर

विदेश मंत्रालय के अनुसार खाड़ी देशों और ईरान में भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीयों के लगातार संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें वाणिज्यिक उड़ानों और वीजा संबंधी सहायता दी जा रही है.

कुछ भारतीयों को अर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते वाणिज्यिक उड़ानों से वापस आने में भी मदद दी जा रही है.

अफवाहों से बचने की अपील

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया और नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचें. सोशल मीडिया पर केवल प्रमाणित जानकारी ही साझा की जाए.

सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी कहा है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और आवश्यक आपूर्ति की निगरानी सुनिश्चित की जाए.

First published on: Mar 12, 2026 10:45 PM

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