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Arpita Mukherjee: अर्पिता मुखर्जी को जान का खतरा, वकील बोले- बिना जांच के न दिया जाए खाना

नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल एसएससी भर्ती घोटाला यानी शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ मुखर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की जान को खतरा है। अर्पिता के वकीलों ने इस बारे में कोर्ट को जानकारी दी है। वकीलों ने कहा है कि हम अर्पिता के लिए डिवीजन 1 कैदी कैटेगरी चाहते हैं। वकीलों ने कोर्ट से […]

नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल एसएससी भर्ती घोटाला यानी शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ मुखर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की जान को खतरा है। अर्पिता के वकीलों ने इस बारे में कोर्ट को जानकारी दी है। वकीलों ने कहा है कि हम अर्पिता के लिए डिवीजन 1 कैदी कैटेगरी चाहते हैं। वकीलों ने कोर्ट से अनुरोध किया कि खाना और पानी की जांच के बाद ही उसे अर्पिता को दिया जाए। उधर, ईडी के वकील ने भी समर्थन किया कि उनकी सुरक्षा को खतरा है क्योंकि 4 से अधिक कैदियों को उनके साथ नहीं रखा जा सकता है।

कोर्ट ने अपना आदेश रखा सुरक्षित

बता दें कि एसएससी भर्ती घोटाला मामले में ईडी पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को लेकर आज कोलकाता के सिटी सेशंस कोर्ट पहुंची थी। उधर, सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही अदालत से चटर्जी और मुखर्जी की हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

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अर्पिता के दो फ्लैट से करोड़ों रुपए कैश मिले थे

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में उद्योग मंत्री का पद संभालने वाले चटर्जी और उनके करीबी सहयोगी को ईडी ने गिरफ्तार किया है। ईडी ने 23 जुलाई को कथित स्कूल भर्ती घोटाले की जांच को लेकर अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट पर छापेमारी की थी। इस दौरान 21 करोड़ रुपये से अधिक नकद और करोड़ों के सोने के आभूषण जब्त किए गए थे। इसके चार दिन बाद 27 जुलाई को भी मुखर्जी से जुड़े एक अन्य फ्लैट से 27.9 करोड़ रुपये और सोने के गहने और विदेशी मुद्रा भी बरामद की थी।

पार्थ चटर्जी पर महिला ने चप्पल से किया था हमला

बता दें कि इससे पहले एक महिला ने पेशी के लिए लाए गए पार्थ चटर्जी पर चप्पल से हमला कर दिया था। महिला ने बताया था कि पूर्व मंत्री को पेशी के लिए एसी गाड़ी से लाया जा रहा है जबकि इन्होंने गरीबों को पैसा लूटा है। गौरतलब है  कि मामला स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। कथित स्कूल नौकरी घोटाला होने पर चटर्जी बंगाल के शिक्षा मंत्री थे।

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First published on: Aug 05, 2022 06:02 PM

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