Tamil Nadu Stampede Eye Witness: तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में आखिरी भगदड़ क्यों मची? सिर्फ 9 साल की लड़की का लापता होना वजह था या कई और कारण भी थे, जिनकी वजह से लोग पैनिक हो गए और स्थिति उनके हाथ से बाहर हो गई. फिर वे भीड़ से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे और भगदड़ मच गई. इस बारे में मौके पर मौजूद एक शख्स सूर्या ने मीडिया को बताया कि भगदड़ मचने की वजह भीड़ थी. वह साइड में खड़ा था, लेकिन एक्टर सूर्या की बस के पास इतनी भीड़ थी कि पांव रखने की जगह नहीं थी.
Video: देखिए भीड़ कैसे ‘मौत’ बनकर टूटी और बिछ गईं 39 लाशें, एक्टर विजय की रैली में दिखा तबाही का मंजर
गर्मी और धूप से घुटने लगा था दम
तपती धूप में सुबह 11 बजे से लोग रैली स्थल पर खड़े थे और एक्टर विजय शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट पर आए. लोगों के पास न खाना था और न ही पानी, ऊपर से धूप-गर्मी से हाल बेहाल था, लेकिन लोग एक्टर विजय की एक झलक पाना चाहते थे. जैसे ही एक्टर पहुंचे, भीड़ उनकी तरफ बढ़ने लगी. धक्का-मुक्की में महिलाएं परेशान होने लगीं. गर्मी और भीड़ की वजह से सांस लेने के प्रॉब्लम होने लगी. महिलाएं और बच्चे बेहोश होने लगे तो चीख पुकार मच गई. देखते ही देखते भगदड़ मच गई. जान बचाने के लिए लोग नीचे पड़े लोगों को कुचलते चले गए.
करूर भगदड़ मामले में बड़ा एक्शन, एक्टर विजय की पार्टी TVK के करूर जिला सचिव के खिलाफ FIR
कम पड़ गए थे पुलिस इंतजाम
सूर्या ने बताया कि एक्टर विजय जिस बस पर सवार थे, उसके आस-पास न पुलिस थी और न वॉलंटियर्स थे, जो भीड़ को कंट्रोल कर पाते. उम्मीद से ज्यादा भीड़ उमड़ी थी, जिसके लिए किए गए इंतजाम कम पड़ गए थे. भगदड़ मचने के बाद भी इतनी भीड़ थी कि एंबुलेंस मौके तक नहीं पहुंच पाई. अगर बेहोश लोगों को समय रहते उपचार मिल जाता तो उनकी जान नहीं जाती. लोगों को रैली स्थल खाली करने में काफी समय लग गया. बेहोश लोगों और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में समय लग गया. पुलिस भी क्या करती, लोग ही बेकाबू हो गए थे.
Tamil Nadu Stampede Eye Witness: तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में आखिरी भगदड़ क्यों मची? सिर्फ 9 साल की लड़की का लापता होना वजह था या कई और कारण भी थे, जिनकी वजह से लोग पैनिक हो गए और स्थिति उनके हाथ से बाहर हो गई. फिर वे भीड़ से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे और भगदड़ मच गई. इस बारे में मौके पर मौजूद एक शख्स सूर्या ने मीडिया को बताया कि भगदड़ मचने की वजह भीड़ थी. वह साइड में खड़ा था, लेकिन एक्टर सूर्या की बस के पास इतनी भीड़ थी कि पांव रखने की जगह नहीं थी.
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गर्मी और धूप से घुटने लगा था दम
तपती धूप में सुबह 11 बजे से लोग रैली स्थल पर खड़े थे और एक्टर विजय शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट पर आए. लोगों के पास न खाना था और न ही पानी, ऊपर से धूप-गर्मी से हाल बेहाल था, लेकिन लोग एक्टर विजय की एक झलक पाना चाहते थे. जैसे ही एक्टर पहुंचे, भीड़ उनकी तरफ बढ़ने लगी. धक्का-मुक्की में महिलाएं परेशान होने लगीं. गर्मी और भीड़ की वजह से सांस लेने के प्रॉब्लम होने लगी. महिलाएं और बच्चे बेहोश होने लगे तो चीख पुकार मच गई. देखते ही देखते भगदड़ मच गई. जान बचाने के लिए लोग नीचे पड़े लोगों को कुचलते चले गए.
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कम पड़ गए थे पुलिस इंतजाम
सूर्या ने बताया कि एक्टर विजय जिस बस पर सवार थे, उसके आस-पास न पुलिस थी और न वॉलंटियर्स थे, जो भीड़ को कंट्रोल कर पाते. उम्मीद से ज्यादा भीड़ उमड़ी थी, जिसके लिए किए गए इंतजाम कम पड़ गए थे. भगदड़ मचने के बाद भी इतनी भीड़ थी कि एंबुलेंस मौके तक नहीं पहुंच पाई. अगर बेहोश लोगों को समय रहते उपचार मिल जाता तो उनकी जान नहीं जाती. लोगों को रैली स्थल खाली करने में काफी समय लग गया. बेहोश लोगों और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में समय लग गया. पुलिस भी क्या करती, लोग ही बेकाबू हो गए थे.