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नेहरू-आंबेडकर पर की पोस्ट फिर कर दी डिलीट; सैम पित्रोदा ने क्या लिखा था कि शुरू हुआ विवाद?

Sam Pitroda Deleted Post On Nehru and Ambedkar Created Row: सैम पित्रोदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पॉलिटिकल एक्टिविस्ट सुधींद्र कुलकर्णी का एक लेख शेयर किया था।

Edited By : Gaurav Pandey | Updated: Jan 28, 2024 00:28
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Indian Overseas Congress Chairman Sam Pitroda
Indian Overseas Congress Chairman Sam Pitroda (twitter/sampitroda)

Sam Pitroda Deleted Post On Nehru and Ambedkar Created Row : कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने शनिवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. भीम राव आंबेडकर को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी। इसे लेकर अब खासा विवाद शुरू हो गया है। भाजपा ने भी पित्रोदा और कांग्रेस को निशाने पर लिया है। हालांकि, पित्रोदा ने बाद में अपनी पोस्ट डिलीट कर दी थी।

आखिर क्या थी सैम पित्रोदा की पोस्ट

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन पित्रोदा ने अपनी पोस्ट में एक लेख का लिंक शेयर किया था, जिसे पॉलिटिकल एक्टिविस्ट सुधींद्र कुलकर्णी ने लिखा है। इसमें कहा गया है कि संविधान और इसकी प्रस्तावना में आंबेडकर के मुकाबले पंडित नेहरू का योगदान ज्यादा था। इसे लेकर पित्रोदा के साथ-साथ कुलकर्णी को भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से इनकार किया है।

मामले पर क्या बोले सुधींद्र कुलकर्णी

सुधींद्र कुलकर्णी ने इस मामले को लेकर कहा कि भीमराव आंबेडकर ने हिंदू समाज में न्याय और समानता के लिए लड़ाई की थी, जिसके लिए मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। वह कई सामाजिक सुधार लाए थे। मैंने तथ्यों के आधार पर एक लेख लिखा था कि नेहरू का योगदान आंबेडकर से ज्यादा था। जिसने भी इतिहास पढ़ा है, वह इसे मानेगा क्योंकि कांग्रेस ने संविधान लिखने की प्रक्रिया शुरू की थी।

उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव पारित किया था। उसके बाद नेहरू ने संविधान को लेकर काम किया था। आंबेडकर ने खुद कहा था कि यह उनका संविधान नहीं था। कुलकर्णी ने आगे कहा कि मैं अब किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं हूं। एक समय में भाजपा के साथ हुआ करता था। मेरे शब्दों का राजनीतिक इस्तेमाल या दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

कांग्रेस का डीएनए आंबेडकर विरोधी

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है और कहा है कि पार्टी का डीएनए आंबेडकर विरोधी और दलित विरोधी है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी के अंकल (सैम पित्रोदा) संविधान में आंबेडकर के योगदान पर सवाल उठाने वाला ट्वीट करते हैं। ये शब्द भले ही सैम पित्रोदा के हों, लेकिन इनके पीछे की भावनाएं राहुल गांधी और सोनिया गांधी की दी हुई हैं।

वहीं, बसपा के सांसद मलूक नागर ने कहा कि अगर कोई बाबा साहब आंबेडकर को निशाना बनाएगा तो उसे कैसे माफ किया जा सकता है? मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि कांग्रेस को आखिर हो क्या गया है। एक ओर जब चुनाव आता है तो वह हिंदू बन जाते हैं। दूसरी ओर वह अयोध्या में राम मंदिर जाने से इनकार कर देते हैं। नागर ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इसके लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

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First published on: Jan 27, 2024 09:18 PM

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