क्यों Subrata Roy के अंतिम संस्कार में पहुंच नहीं पाए दोनों बेटे? वजह आई सामने

Subrata Roy Funeral: जिस सुब्रत रॉय के इर्द-गिर्द कभी हस्तियों का मेला लगता था। जिसने पूरी दुनिया में नाम कमाया, आखिरी पलों में उसे अपने ही बेटों का साथ नहीं मिला, जानिए क्यों?

Subrata Roy With Son

Subrata Roy With Son

Sahara India Subrata Roy Funeral In Absence Of Son: 2 हजार करोड़ की कंपनी, लाखों कर्मचारी, करोड़ों ग्राहक, 10 मिलियन डॉलर की नेटवर्थ, लेकिन इसे बदकिस्मती कहेंगे या मजबूरी कि Subrata Roy के अंतिम संस्कार में उनके अपने ही जिगर के टुकड़े उनके दोनों बेटे शामिल नहीं हो पाए। पिता की अर्थी को कंधा देना उनके नसीब में नहीं था या ‘सहाराश्री’ की किस्मत में नहीं था, यह तो कोई नहीं जानता, लेकिन आखिर सुशांतो और सीमांतो रॉय क्यों अंतिम संस्कार में नहीं पहुंच पाए, इसकी वजह सामने आ गई है। लोगों ने जब सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय से बेटों के नहीं आने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वे विदेश में हैं और किन्हीं कारणों से सफर नहीं कर सकते। इसलिए पोते हिमांक को लंदन से बुलाया, जिसने सुब्रत रॉय को मुखाग्नि दी।

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अखिलेश यादव भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे

बता दें कि सहारा ग्रुप के संस्थापक सुब्रत रॉय (Subrata Roy) का निधन 14 नवंबर 2023 की रात को हुआ। वे पिछले कई दिन से बीमार थे। उनकी पार्थिव देह चार्टर्ड विमान से बुधवार शाम करीब शाम 5 बजे उत्तर प्रदेश के लखनऊ में उनके सहारा शहर में लाई गई। यहां उनके अंतिम दर्शन कराने के बाद आज बैकुंठ धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें पोते हिमांक रॉय ने अंतिम विदाई दी, जो सुब्रत के छोटे बेटे सीमांतो के बड़े बेटे हैं और लंदन में पढ़ाई करते हैं। वह मंगलवार को मुंबई पहुंचे। अपने दादा को देखने कोकिला बेन अस्पताल गए। इसके बाद अपनी दादी स्वप्ना रॉय, कजिन प्रियंका सरकार के साथ लखनऊ पहुंचे। सहाराश्री को श्रद्धांजलि देने लखनऊ के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, पूर्व CM और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव विशेष रूप से पहुंचे।

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इन बीमारियों से जूझ रहे थे सुब्रत रॉय

बता दें कि सुब्रत रॉय पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। कोकिलाबेन अस्पताल में उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी। सहारा इंडिया की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सुब्रत रॉय मेटास्टेटिक स्‍ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसे बीमारियों से जूझ रहे थे। इसके बाद कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण 14 नवंबर की उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सुब्रत राय के परिवार में अब उनकी पत्नी स्वप्ना रॉय, 2 बेटे सुशांतो रॉय और सीमांतो रॉय हैं, जो सहारा ग्रुप से ही जुड़े हैं। माना जा रहा है कि सहाराश्री के निधन के बाद कारोबार उनके दोनों बेटे ही संभालेंगे। हालांकि सुब्रत रॉय सहारा ने जिंदा रहते अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया। सहारा परिवार की ओर से भी अभी तक उत्तराधिकारी को लेकर कोई बयान भी नहीं दिया गया है, लेकिन अभी तक माना जा रहा है कि उनके दोनों बेटे ही उनके उत्तराधिकारी कहलाएंगे।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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