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Sabse Bada Sawal, 10 April 2023: भारतीय राजनीति का विदेशी कनेक्शन, किसके कितने अदाणी…अर्थव्यवस्था की हानि? देखिए बड़ी बहस

Sabse Bada Sawal, 10 April 2023: नमस्कार… मैं हूं संदीप चौधरी।आज सबसे बड़ा सवाल में मैं बात करने वाला हूं सात समंदर पार की। विदेश की। जी हां विदेश की गूंज सुनाई पड़ रही है। देश की राजनीति में। जी सात समंदर पार से, विदेश से देश का अपमान कर दिया गया। देश विरोधी ताकतों के […]

Edited By : Bhola Sharma | Apr 11, 2023 08:00
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Sabse Bada Sawal, Sandeep Chaudhary Show, Adani Issue, Rahul Gandhi

Sabse Bada Sawal, 10 April 2023: नमस्कार… मैं हूं संदीप चौधरी।आज सबसे बड़ा सवाल में मैं बात करने वाला हूं सात समंदर पार की। विदेश की। जी हां विदेश की गूंज सुनाई पड़ रही है। देश की राजनीति में। जी सात समंदर पार से, विदेश से देश का अपमान कर दिया गया। देश विरोधी ताकतों के साथ मिलकर भारत के प्रजातंत्र पर फब्तियां कसी जा रही हैं। मखौल उड़ाया जा रहा है। 2 महीने से ये नेरेटिव आप सुन रहे हैं।

अब इसमें विदेशी कनेक्शन भी जुड़ गया है, उस पर मैं आता हूं। साथ ही साथ तार जुड़े हुए हैं अदानी मामले से भी। जिसे लेकर राजनीति गरमाई हुई है। अब इसमें ताजा अध्याय जुड़ा 2 दिन पहले और किसने जोड़ा? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, उसके अध्यक्ष रह चुके राहुल गांधी आजकल सुर्खियां बहुत बटोर रहे हैं। उन्होंने एक ट्वीट किया। यह ट्वीट की तस्वीर मेरे सामने है, अभी ग्राफिक्स में भी आ जायेगा और अदानी लिखकर A पर लिख दिया गुलाम यानी कि गुलाम नबी आजाद, D ये सिंधिया यानी ज्योतिरादित्य सिंधिया, A किरण रेड्डी ये आंध्र प्रदेश में सीएम रह चुके हैं अब बीजेपी में आ गए हैं। N हिमंता, जो पुराने कांग्रेसी हैं। और अब तो 36 का आंकड़ा है खास राहुल गांधी के साथ हिमंता विश्वा सरमा का और आई (I) अनिल, अनिल एंटनी। कांग्रेस के दिग्गज नेता एके एंटनी के बेटे जो बीजेपी को ज्वाइन कर चुके हैं और लिखा क्या – सच्चाई छिपाते हैं इसलिए रोज भटकाते हैं। सवाल वही है अदानी की कंपनियों में 20000 करोड़ रूपए बेनामी पैसे किसके हैं?

गुलाम नबी आजाद ने राहुल को घेरा

तो ये तमाम जो पुराने कांग्रेसी रह चुके हैं, इन नेताओं को लपेटे में लेने की कोशिश की। वो 20000 करोड रुपए सेल कंपनियों के जरिए, खोखा कंपनियों के जरिए अदानी की कंपनियों में जो लगे हैं उस पर सवाल लगातार उठा रहे हैं राहुल गांधी। अब इशारों-इशारों में उन्होंने कह दिया वे इनके पैसे तो नहीं। अब इस बात से आहत हो गए गुलाम नबी आजाद, पुराने कांग्रेसी। किताब भी आई है उनकी। तो गुलाम नबी आजाद ने क्या कहा? उन्होने कहा कि ये बड़े शर्म की बात है कि राहुल गांधी ऐसा कह रहे हैं। मेरा किसी उद्योगपति से कोई संबंध नहीं है। बल्कि मैं जानता हूं कि कितने उद्योगपतियों से खासकर विदेश में जो उद्योगपति बैठे हैं और उनमें कुछ अवांछित भी हैं उनसे जो गांधी नेहरू परिवार और राहुल गांधी के संबंध हैं मैं जानता हूं। बताऊंगा नहीं। दसों तो मैं सीधे-सीधे बता सकता हूं।

रवि शंकर प्रसाद ने कर डाली प्रेस कॉन्फ्रेंस

अब इस बात को लपक लिया बीजेपी ने। उनके वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली और इसी ट्वीट पर सवाल उठा दिए। उन्होंने क्या कहा? उन्होने कहा- क्या राहुल गांधी ने बोफोर्स केस के खिलाफ कुछ कहा? अतीत खंगाला जाने लगा। क्या उन्होंने क्वात्रोची को भगाने पर कुछ कहा है? नेशनल हेराल्ड खुद बेल पर हैं उस पर उनका क्या कहना है? राहुल गांधी का एजेंडा क्या है? और हिमंत बिस्वा सरमा वो तो मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाने वाले हैं राहुल गांधी पर स्पीच को लेकर और साथ ही साथ उन्होंने जोड़ दिया कि हमारी शालीनता है कि हमने आपसे कभी नहीं पूछा। बोफोर्स और नेशनल हेराल्ड की कमाई कहां छिपाई?

राहुल गांधी बार-बार पूछ रहे एक सवाल

उधर राहुल गांधी अदानी मामले पर 20000 करोड़ के अलावा लगातार सवाल पूछ रहे हैं। जब वो संसद सदस्य थे तब भी बजट सत्र में सवाल बकायदा उन्होने उठाया। मित्रता, घनिष्ठता से जुड़ा प्रधानमंत्री से सवाल पूछा कि जब-जब आप विदेश जाते हैं कितनी बार आपके साथ जाते हैं गौतम अदानी और जब वापस आते हैं तो हमेशा अडानी एवं उनके समूह को फायदा होता क्यों दिखता है या क्यों मिल जाता है? ऑस्ट्रेलिया आप जाते हैं 1 बिलियन डालर यानी कि लगभग साढ़े सात -आठ हजार करोड़ का कर्ज एसबीआई आपको दे देता है। बांग्लादेश के दौरे पर जाते हैं तो 1500 मेगावाट बिजली का ठेका आपको मिल जाता है। श्रीलंका जाते हैं तो वहां पावर प्लांट प्रोजेक्ट आपको मिल जाता है। वहां के तो एक मंत्री ने भी कह दिया कि भारत सरकार का दबाव था इसलिए ठेका देना पड़ा। इजराइल जाते हैं तो डिफेंस कारोबार अदानी को कैसे मिल जाता है? एंट्री कैसे हो जाती है? ये सवाल राहुल गांधी लगातार उठा रहे हैं।

तो अब आर-पार की लड़ाई शुरू

तो अब विदेशी कनेक्शन को लेकर एक आर- पार भी शुरू हो गई है क्या? और इसमें मूल सवाल ये कि आरोप का जवाब आरोप। एक और पलटवार। तो इसमें जांच क्यों नहीं होती है। अगर दस-दस ऐसे, सैकड़ों की बात की पर 10,10 के एकदम नाम बता सकते हूं। गुलाम नबी आजाद आज कह रहे हैं तो बताते क्यों नहीं? यही तो देशहित है। अ

वांछनीय कारोबारी देश के सामरिक मसलों पर देश की अर्थव्यवस्था में यदि बेजा दखल कर रहे हैं, राहुल गांधी के साथ संबंध हैं तो उसे छिपाया क्यों जा रहा है? यह चोरी चोरी चुपके चुप क्यों हो रहा है? हेमंत बिस्वा सरमा को अगर जानकारी है या सरकार को कि पैसा खाया गया है और वो पैसा कहां छुपाया है तो दरियादिली दिखाने की क्या जरूरत है? जेल में डाला जाना चाहिए जिसने भी भ्रष्टाचार किया है, काला धन कमाया है, अर्जित किया है देश के नाम को अगर बदनाम किया है तो और इसकी पलट तस्वीर ये भी है कि जो अडानी समूह पर सवाल उठाए जा रहे हैं उनके जवाब क्या सरकार देगी? या अदानी समूह जवाब देगा? अदानी समूह का जवाब आया है।

आज का सबसे बड़ा सवाल भारतीय राजनीति का विदेशी कनेक्शन? किसके कितने अदाणी…अर्थव्यवस्था की हानि? देखिए बड़ी बहस

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First published on: Apr 11, 2023 08:00 AM

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