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Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस परेड के वो 10 पल, जिन्हें देख भारतीयों का सीना गर्व से हुआ चौड़ा, चौंक गई दुनिया

Republic Day Parade

Author Edited By : khushbu.goyal
Updated: Jan 26, 2026 14:31
Republic Day Parade 2026
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड करीब 97 मिनट चली.

Republic Day Parade 2026: भारत ने आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया और दिल्ली में कर्तव्य पथ पर शानदार परेड निकालकर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया. 21वीं सदी के आधुनिक भारत और इसकी विकास यात्रा, ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता की झलक दिखाते हुए पूरी दुनिया को ‘मिनी इंडिया’ के दर्शन कराए. साढ़े 10 बजे शुरू होकर करीब 12 बजे खत्म हुई 97 मिनट चली परेड में कुछ पल ऐसे रहे, जिन्हें देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया और पूरी दुनिया चौंक गई.

आइए उन पलों को देखते हैं, जीते हैं और महसूस करते हैं…

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1. गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित कार्यक्रम में सबसे गौरवान्वित पल रहा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित करना. शुभांशु को यह सम्मान अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय होने का गौरव प्राप्त करने पर दिया गया. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 18 दिन रहकर अंतरिक्ष में तिरंगा फहराने और रिसर्च करने के लिए दिया गया. गगनयान मिशन में भारत को जगह दिलाने के लिए सम्मानस्वरूप दिया गया.

2. दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड देख रहे लोगों ने उस समय गर्व महसूस किया, जब पूरी दुनिया को भारत की सैन्य शक्ति दिखाई गई. सूर्यास्त्र, ब्रह्मोस, दिव्यास्त्र और शक्तिबान मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन किया गया, जो दुश्मन देशों में घुसकर तबाह मचाने में सक्षम हैं.

3. दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में दुनिया ने भारत के आकाश मिसाइल सिस्टम को देखा. मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘अभ्रा’ (MRSAM) का प्रदर्शन किया गया और दुश्मनों को संदेश दिया गया कि जो भारत से टकराएगा, तबाह हो जाएगा.

4. गणतंत्र दिवस की परेड में DRDO के द्वारा विकसित की जा रही लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल (LR-AShM) भी दुनिया को दिखाई गई, जो भारतीय नौसेना के लिए डिजाइन की गई हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है. यह मिसाइल स्थिर और गतिशील दोनों तरह के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है और 1500 किलोमीटर की दूरी तक पेलोड ले जा सकती है.

5. गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के T-90 भीष्म टैंक, अर्जुन MK-1 मेन बैटल टैंक प्रदर्शित किए गए, जो जमीन पर रहकर दुश्मन को मिट्टी में मिलाने में सक्षम हैं. नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) मार्क-2 ने भी परेड में मार्च किया.

6. कर्तव्य पथ पर भारत का पहला स्वदेशी आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल, हाई मोबिलिटी रिकॉनैसेंस व्हीकल (HMRV) भी प्रदर्शित किया गया, जिसे महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स ने विकसित किया है और साल 2023 में इसे भारतीय सेना का हिस्सा बनाया गया. यह व्हीकल मॉडर्न बैटलफील्ड सर्विलांस रडार से लैस है, जो छिपे जवानों, वाहनों और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हेलिकॉप्टरों का पता लगाने में सक्षम है.

7. गणतंत्र दिवस की परेड में सबसे खास आकर्षण हिम योद्धा दस्ते के साथ देश के मूक योद्धाओं का मार्च पास्ट रहा. इसमें बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्करी पोनी, ब्लैक काइट्स (शिकारी पक्षी) और 5 स्वदेशी नस्लों के प्रशिक्षित कुत्ते अपने हैंडलर के साथ मार्च करते दिखे, जिनमें मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बाई और राजापालयम ब्रीड के कुत्ते शामिल थे. इन मूक योद्धाओं को हमला करने और पेट्रोलिंग के लिए प्रशिक्षित किया गया है.

8. गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार दुनिया ने भारत की 61वीं कैवेलरी कंटिन्जेंट रेजिमेंट देखी, जिसकर नेतृत्व कैप्टन अहान कुमार ने किया. 61वीं कैवेलरी दुनिया की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार रेजिमेंट है, जो भारतीय सेना का टोही दस्ता है. देशवासियों के साथ-साथ दुनिया ने भारत की इस ताकत को पहली बार देखा.

9. कर्तव्य पथ पर परेड में एक और खास आकर्षण BSF के शाही ऊंटों की रेजिमेंट का मार्च रहा, जिसने सैन्य परेड में सबसे पहले मार्च किया. इस टुकड़ी का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौड़ ने किया, जो अपने ऊंट ‘चेतक’ पर सवार थे. इस टुकड़ी में 3 सब-ऑफिसर और 50 ऊंट सवार थे.

10. नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में आकर्षण का एक केंद्र अजयकेतु ऑल टेरेन व्हीकल, रंधवाज रग्ड टेरेन टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और धवनासक लाइट स्ट्राइक व्हीकल सहित विशेष बलों की टुकड़ी का मार्च रहा, जिसे पहली बार देश और दुनिया ने देखा.

First published on: Jan 26, 2026 02:02 PM

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