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देश

गणतंत्र दिवस 2026 पर आएंगे 10 हजार खास मेहमान, किसान-श्रमिक से लेकर वैज्ञानिकों तक को मिला न्योता

देश के 77वें गणतंत्र दिवस पर 10 हजार खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है. इनमें किसान, श्रमिक और वैज्ञानिकों के साथ-साथ आम नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा.

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Written By: Raja Alam Updated: Jan 19, 2026 19:27

देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार एक अलग ही नजारा देखने को मिलेगा. केंद्र सरकार ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मेहनत से नई पहचान बनाने वाले 10 हजार खास मेहमानों को परेड देखने के लिए आमंत्रित किया है. इस लिस्ट में केवल बड़े नाम ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले किसान, श्रमिक, वैज्ञानिक और एथलीट भी शामिल हैं. सरकार का उद्देश्य है कि राष्ट्र निर्माण में छोटा या बड़ा योगदान देने वाले हर नागरिक को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिले. पिछले साल की तरह इस बार भी उन लोगों पर विशेष ध्यान दिया गया है जो सरकारी योजनाओं के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाए हैं.

वैज्ञानिकों और स्टार्टअप वीरों को न्योता

आमंत्रित मेहमानों में इस बार गगनयान और चंद्रयान जैसे बड़े मिशनों को सफल बनाने वाले इसरो के वैज्ञानिकों को प्रमुखता दी गई है. इनके साथ ही वे युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप चलाने वाले उद्यमी भी शामिल होंगे जिन्होंने रोजगार के नए मौके पैदा किए हैं. विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का झंडा गाड़ने वाले विजेता और प्राकृतिक खेती के जरिए जमीन को उपजाऊ बनाने वाले किसान भी कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ाएंगे. साथ ही स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोगों को भी इस ऐतिहासिक परेड का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा.

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वीआईपी कल्चर खत्म

रक्षा मंत्रालय ने इस साल वीआईपी कल्चर को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में एक बड़ा और अनोखा कदम उठाया है. परेड देखने के लिए बनाई गई दर्शक दीर्घाओं (बैठने वाली जगहों) के नाम अब किसी पद के बजाय भारत की पवित्र नदियों के नाम पर रखे गए हैं. दर्शक अब गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, कावेरी, नर्मदा और सतलुज जैसी नदियों के नाम वाली गैलरी में बैठकर परेड का आनंद लेंगे. यह बदलाव न केवल भारत की प्राकृतिक विरासत को सम्मान देता है बल्कि हर नागरिक को समानता का अहसास भी कराता है. खास मेहमानों के बैठने के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की गई है ताकि वे बिना किसी परेशानी के कार्यक्रम का आनंद ले सकें.

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परेड के बाद दिल्ली भ्रमण और मंत्रियों से संवाद

इन खास मेहमानों के लिए केवल परेड देखना ही काफी नहीं होगा बल्कि सरकार ने उनके लिए पूरे दिन का एक खास प्लान तैयार किया है. परेड खत्म होने के बाद इन सभी अतिथियों को दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा. इसके अलावा एक विशेष कार्यक्रम में उन्हें केंद्रीय मंत्रियों से सीधे बात करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलेगा. सरकार का मानना है कि इस तरह के संवाद से जन भागीदारी बढ़ेगी और लोगों में देश के प्रति गर्व की भावना और मजबूत होगी. यह पहल उन छोटे-बड़े नायकों को प्रोत्साहित करने का एक तरीका है जो चुपचाप अपने काम के जरिए देश को आगे बढ़ा रहे हैं.

First published on: Jan 19, 2026 06:58 PM

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